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आतंकियों के कुकर्मो को झेलना पड़ रहा निरपराध मुस्लिम महिलाओं को. अमेरिकी एयरपोर्ट पर मुस्लिम महिलाओं की खून से सने पैड तक की तलाशी

ये उन्मादियो के बनाए माहौल का असर भी माना जा सकता है जब उन निरपराध महिलाओं को भी प्रताड़ना के बेहद शर्मशार कर देने वाले दौर से गुजरना पड़ रहा है जिनका कहीं से कोई भी दोष नहीं है . वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए आतंकी हमले के बाद बेहद चाक चौबंद अमेरिकी हवाई अड्डो की सुरक्षा में जहाँ पहले भारत के कुछ मुस्लिम फ़िल्मी कलाकारों को अपमानित किया गया तो अब महिलाओं को भी गुजरना पड़ रहा है जांच के उस दौर से जिस से शायद ही कभी कोई गुजरा हो . इसको यकीनन डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के कड़े आदेशो का प्रतिफल भी माना जा सकता है क्योकि उन्होंने इस्लामिक आतंकवाद को कुचलने के सख्त निर्देश भी दे रखे हैं .

ज्ञात हो की दुनिया में उस समय एक नई चर्चा छिड़ गयी जब अमेरिका में एक मुस्लिम स्नातक छात्र के साथ बोस्टन हवाई अड्डे पर एयरपोर्ट के सुरक्षा अधिकारीयों ने तलाशी के नाम पर बेहद कड़े नियम बताये .. जैनब का आरोप है कि अमेरिकी हवाई अड्डे पर तैनात सुरक्षा अधिकारियो ने गहन जांच के नाम पर जैनब मर्चेंट को अपने पैंट और अंडरवियर को खींचने के लिए मजबूर कर दिया था . इस घटना के बाद भले ही तमाम लोगों ने अमेरिकी अधिकारियो को महिला विरोधी या इस्लाम विरोधी बता कर कोसना शुरू कर दिया है लेकिन एक अन्य वर्ग इसको उन दुर्दांत इस्लामिक आतंकियों की करतूत के चलते पैदा हुआ माहौल बता रहे हैं जिनके चलते ऐसी तमाम निरपराध महिलाओं और कई निर्दोष पुरुषो को बेवजह अपने नाम या मत के चलते दुनिया के तमाम कोनों में अपमानित होना पड़ रहा है . 

सम्भावना ये जताई जा रही है की अमेरिका की सुरक्षा एजेंसी FBI जैनब पर नजर रखती है जबकि हॉवर्ड से ग्रैजुएट 27 वर्षीय जैनब मर्चेंट जेडआर स्टूडियोज की सीईओ हैं जो कि राजनीति और संस्कृति से जुड़ी एक एक मल्टीमीडिया साइट है,.. 27 वर्षीय जैनब ने वाशिंगटन पोस्ट में एक ओपिनियन पीस लिखकर बताया कि एक बार मेरी तलाशी के लिए एक्सप्लोसिव युनिट लाई गई क्योंकि मेरे कंप्यूटर के पीछे एक स्टिकर लगा हुआ था और एक बार तो मेरी तलाशी में कुत्तों की पूरी टीम ही लगा दी. जैनब मर्चेंट को सितंबर 2016 के बाद से कई बार यूएस एयरपोर्ट पर सख्त और अपमानजनक जांच का सामना करना पड़ा. अमेरिका की मुस्लिम नागरिक होने के चलते, जैनब को कई ‘सख्त प्रकार की’ छानबीन का सामना करना पड़ा. लेकिन इस बार तो टीएसए ने उन्हें वो पैड भी दिखाने के लिए कहा, जो वह इस्तेमाल कर रही थीं.

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