सीमा पर भारतीय फौज से पीटने के बाद ऑनलाइन जंग लड़ रहे आतंकी

आतंकियों को पाकिस्तान सरकार को पूरा समर्थन मिल रहा है और पाक सरकार व आईएसआई की खुफिया एजेंसी के संरक्षण में आतंकी इस प्रकार अपनी ना’पाक’ मनसुबों को अजांम देते है, यह किसी से छुपा नहीं है। पाकिस्तान आए दिन अपने आतंकी संगठन को बढ़ावा देता है और फिर आतंकियों की मदद से पुरी दुनिया में दहशत फैलाता है। आतंकियों को पाकिस्तान में पनाह दी जाती है और फिर उन्हें स्पेशल ट्रेगिंन भी दी जाती है पाकिस्तान सरकार के द्वारा अपनी करतुतों को छुपाने के लिए हमेशा भारत पर झूठा आरोप भी लगाया जाता रहा है। 
आपको बता दें कि पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीरी स्थित मुजफ्फराबाद में आतंकियों के कैंप में पहुंचे रक्षा विशेष अनिल कौल से सलाउद्दीन के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद आतंकियों का मनोबल काफी गिर गया है। पाकिस्तान के मुताबिक उनका मनोबल उठाने के लिए ही वह वहां पर गये थे। उन्‍होंने यह भी कहा कि भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद आतंकियों में खलबली मच हुई है।
पाकिस्तानी अखबार डॉन’ ने दावा किया है कि पाकिस्‍तान में बैन किए गए आतंकी समुह सोशल मीडिया के जरिए भारत सहित पुरी दुनिया में आतंकी संगठन को मजबुत करने के लिए फेसबुक का इस्तेमाल कर रहा है और आम लोगों के बीच अपनी पेंठ बनाने में सफल भी हो रहा है। बता दें कि पाकिस्तान मीडिया द्वारा दिए गए बयान में आतंकी संगठन पाकिस्तानी कागजों में पूरी तरह बैन है, आतंकी फेसबुक में इनके फॉलोवर भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। 
पाकिस्तानी आतंकी संगठन सरेआम फेसबुक का इस्तेमाल कर रहा है पाकिस्तान सरकार द्वारा बैन किए गए 64 आतंकवादी संगठनों में 41 सोशल साइट पर सक्रिय है। आतंकवादी सोशल साइट के जरिये खुलेआम आपना प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। बता दें कि पाकिस्तान में करीब ढाई करोड़ फेसबुक यूजर हैं जो महज एक क्लिक में इन आतंकियो तक पहुंच सकते हैं। फेसबुक पर मौजूद आतंकवादी संगठनों का नेटवर्क शिया और सुन्नी समूहों से लेकर अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों और बलूचिस्तान व सिंध प्रांतों के अलगाववादियों तक है।
फेसबुक पर सभी प्रतिबंधित संगठनों को संक्षिप्त नाम या स्पेलिंग डालने भर से खोज लिया गया। इनके पेज, ग्रुप और यूजर प्रोफाइल्स को बड़ी संख्या में लोगों ने लाइक भी किया हुआ है। सोशल साइट पर अहले सुन्नत वल जमात (एएसडब्ल्यूजे) सबसे ज्यादा 200 पेज और ग्रुप है। जीय सिंध मुत्तहिदा महज (जेएसएमएम) 160 पेज, ग्रुप है सिपाह-ए-सहाबा (एसएसपी) 148 और बलूचिस्तान स्टुडेंट्स आर्गेनाइजेशन आजाद (बीएसओ-ए) 54 और सिपाह-ए-मुहम्मद 45 पेज के साथ फेसबुक के जरिए आपना प्रचार-प्रसार कर रहे है।
फेसबुक पर सक्रिय रहने वाले इन सभी आतंकी समूहों लश्कर-ए-झांगवी (एलईजे), तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), तहरीक-ए-तालिबान स्वात (टीटीएस), जमात-उल-अहरार (जेयूए) और 313 ब्रिगेड के अलावा अन्य बलूच अलगाववादी संगठन भी शामिल हैं। यह आतंकी संगठन आमतौर पर फेसबुक पर अपडेट अंग्रेजी की जगह उर्दू या रोमन उर्दू में करते हैं। इसकी सामग्री मूल रूप से स्थानीय लोगों के लिए होती है। कुछ संदेश सिंधी या बलूची भाषा में भी होते हैं।
आतंकी संगठन कश्मीर में भी सक्रिय हैं और फेसबुक के जरिए लगातार भारत के खिलाफ जहर भी उगलते हैं। पाकिस्‍तान और वहां मौजूद आतंकी संगठनों की पूरी राजनीति भारत और कश्‍मीर के इर्द-गिर्द सिमटी हुई है। आतंकी संगठन पूरी तरह से पाकिस्‍तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर ही काम करते हैं। 
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