कश्मीर आतंकियों और याकूब के जनाजे में उमड़ी भीड़ को सबक सिखा गए ब्रिटिश मौलाना.. आंतकियों के ज़नाजे में नमाज़ से किया इंकार

ब्रिटेन हमले में शनिवार को मारे गए आंतकियों का अंतिम संस्कार करने के लिए कोई इमाम तैयार नहीं हो रहा है। इमामों ने आतंकियों के लिए पारंपरिक जनाज़े की नमाज़ पढ़ने से इनकार करते हुए कहा कि उनके कृत्य का बचाव नहीं किया जा सकता तथा ये इस्लाम की शिक्षाओं के उलट हैं। 
तमाम मुस्लिम धर्मगुरुओं ने लंदन आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इन आतंकियों ने इस्लाम के खिलाफ जाकर गुनाह किया है, निर्दोषों का खून बहाया है। ऐसे में ये लोग पारंपरिक तरीके से अंतिम संस्कार पाने का हक भी नहीं रखते है और इन लोगों ने जो गुनाह किया है वह किसी भी कीमत पर माफी योग्य नहीं है। इसके साथ ही कहा कि उनकी गतिविधियां इस्लाम के तालीम के अनुरूप नहीं है।
इसके अलावा धर्मगुरुओं ने आह्वान करते हुए कहा कि इन आतंकियों को नाकाम करने का तरीका एक ही है कि आप सभी लोग एकजुट होकर ऐसी विचारधारा के खिलाफ हो जाए। साथ ही ऐसे लोगों को अपने आस-पास पनपने न दे जो समाज और आपको विभाजित करे। इन लोगों का कोई धर्म-मजहब नहीं होता है। ये इस्लाम के भी दोषी हैं और इंसानियत के भी। गौरतलब है कि ब्रिटेन में हुए आतंकी हमले में 7 लोग मारे गए थे, जबकि 30 से ज़्यादा घायल हुए थे।  
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