पख्तून, अफगानों, बलूच, सिंधी, भारत से ही नहीं बल्कि खुद से ही लड़ रहा पाकिस्तान… अमेरिका ने खोला एक बड़ा राज़

चप्पल चोर पाकिस्तान आये दिन अपने कु-कर्मों के लिए सुर्ख़ियों में बना रहता है। अमेरिका के एक ऑफिसर ने पाकिस्तान सरकार और वहां की नपुंसक सेना के बीच चल रहे मतभेद का खुलाशा किया है। अफसर ने कहा कि पाक में असैन्य गवर्नमेंट व सेना के बीच भयंकर तनाव चल रहा है । ‘पाकिस्तान अनिश्चितता की हालात में है और अगले छह सात महीने में वहां नये चुनाव हो सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के ऑफिसर की टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जब अमेरिका ने तालिबान व हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई के लिए पाक पर दबाव बढ़ा दिया है।

ऑफिसर ने बोला कि अमेरिका, सेना व नागरिक नेतृत्व दोनों के साथ सहमति बनाये रखेगा व चीजों को लेकर साफ तथा स्थिर रवैये के साथ देखना होगा कि इस्लामाबाद के साथ यह कैसे काम करता है। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर सेना व तत्वों के बीच उच्च स्तर का तनाव है । इस वजह से प्रभावशाली वार्ता की हमारी क्षमता बहुत कठिन हो गयी है । ” ऑफिसर ने कहा कि आतंकी संगठनों से लड़ने के लिए सैन्य तथा असैन्य नेतृत्व को मिलकर कार्य करना होगा।

गौरतलब है कि अमेरिका ने पाकिस्तान में मौजूद अफगान तालिबान व हक्कानी नेटवर्क आदि आतंकी संगठनों पर पाकिस्तान द्वारा कार्रवाई नहीं करने के बाद 1.15 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता रोक दी है । राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नववर्ष ट्वीट के बाद पाक को सभी सुरक्षा सहायता रोकने का कदम उठाया था । बता दें कि ट्रंप ने ट्वीट में आरोप लगाया था कि पाक ने अमेरिका को झूठ व फरेब के सिवा कुछ नहीं दिया है तथा उसने पिछले 15 बरसों में 33 अरब डॉलर की मदद के बदले में आतंकियों को सुरक्षित रखा । 

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