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पाकिस्तान का असली रंग आया सामने, कुलभूषण पर लगाये आतंक से जुड़े ये गंभीर आरोप

इस्लामाबाद : भारत की 14वीं अपील ठुकराए जाने के बाद अब पाकिस्तान ने खुलकर अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। दरअसल, पाकिस्तान ने कुलभूषण पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आज 14वीं बार भारतीय उच्चायोग द्वारा पाकिस्तान से अपील करने के बाद भी उसका रवैया अड़ियल रहा। भारत के अपील करने के कुछ देर बाद ही पाक पीएम नवाज शरीफ ने विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने प्रेस कांफ्रेंस की और जाधव पर आधे दर्जन से ज्यादा आतंकी वारदातों में शामिल होने के आरोप लगाये।

इसके साथ ही पाकिस्तान ने कुलभूषण पर ग्वादर जिले में जिवानी बंदरगाह के ठीक सामने समुद्र में रडार स्टेशन तथा नागरिक नौकाओं पर हमले का निर्देश देने का आरोप, पाकिस्तानी, खासकर बलूचिस्तान के युवाओं को देश में विध्वंसक हमलों के लिए उकसाने के लिए अलगाववादी तथा आतंकवादी तत्वों को हवाला/हुण्डी के माध्यम से वित्तीय मदद देने का आरोप, बलूचिस्तान के सिबी तथा सुई इलाकों में गैस पाइपलाइनों तथा बिजली के खंभों में विस्फोट को प्रायोजित करने का आरोप।

क्वेटा में 2015 में विस्फोट को प्रायोजित कर बड़े पैमाने पर जान व माल का नुकसान पहुंचाने का आरोप, क्वेटा में हजार समुदाय के लोगों पर हमला तथा ईरान जा रहे और वहां से आ रहे शिया जायरीनों पर हमलों को प्रायोजित करने का आरोप, तुरबत, पुंजगुर, ग्वादर, पसनी तथा जिवनी में साल 2014-15 के दौरान सुरक्षाबलों पर हमलों के लिए देश विरोधी तत्वों को उकसाने का आरोप लगाए हैं।

पाकिस्तान ने कुलभूषण पर  पाकिस्तान में कई आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाया है। अजीज ने यह भी कहा है कि भारत ने जिस तरह से प्रतिक्रिया जताई है उससे दोनों देशों के रिश्तों में और तनाव आ रहा है। भारत की तरफ से जाधव तक कूटनीतिक पहुंच नहीं मिलने के आरोप को लेकर भी अजीज ने आरोप भारत के मत्थे ही मढ़ा है कि जांच प्रक्रिया में सहयोग नहीं देने की वजह से ऐसा किया गया है।

अजीज ने कहा कि जाधव अभी 40 दिनों के भीतर अपीलीय न्यायालय में अपील कर सकते हैं। अपीलीय न्यायालय के आदेश के 60 दिनों के भीतर वह चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के पास अपील कर सकते हैं। अगर वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिलती है तो वे 90 दिनों के भीतर पाकिस्तान के राष्ट्रपति के पास अपील कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस्लामाबाद में भारत के उच्चायुक्त गौतम बंबवाले ने पाकिस्तान की विदेश सचिव तहमीना जांजुआ से मुलाकात कर जाधव के मामले पर भारत की दो मांगे रखी थी।

पहली मांग थी कि जाधव पर जो चार्जशीट दायर की गई है उसकी कॉपी दी जाए और दूसरी थी कि सैन्य अदालत की तरफ से जाधव को दी गई फांसी की सजा के आदेश की कॉपी उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही भारत ने यह भी कहा है कि जाधव को भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों से मिलने दिया जाए ताकि आगे अपील करने की रणनीति बनाई जाए।

वहीं, पाकिस्तान के इस रवैये पर पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव के मामले में एक खतरनाक खेल खेल रहा है। जाधव को जासूसी के आरोप में पाकिस्तान ने मौत की सजा सुनाई है। पाकिस्तान खुद को भले ही कैसा भी दिखाए, लेकिन उसे समझना चाहिए कि यदि भारत ने जवाबी कार्रवाई शुरू की तो उसके पास मुकाबला करने की ताकत नहीं है।

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