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अरब की इस मुस्लिम बहन के साहस के बारे में जानिए जिसने बुर्का उतारकर बचाई एक घायल की जान

सऊदी अरब में भले ही महिलाएं भले ही बुर्के में कैद रहती हो लेकिन यहां की महिलाएं आज भी वह काम कर सकती हैं जो शायद मर्द करने से पहले सौ बार सोचें। ऐसा ही कुछ कर दिखाया यहां की एक महिला ने। जहां सारे मर्द खड़े रहकर तमाशा देखते रहे वहीं एक महिला ने अपनी जान पर खेलकर एक भारतीय नागरिक की जान बचाई ।

अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए 22 साल की एक सऊदी लड़की ने आग में झुलस रहे एक भारतीय की जान बचाई।

मुस्लिम देशों में बुर्के का बहुत महत्व होता है। यहां पर कोई भी मुस्लिम लड़की बिना बुर्के के घर से बाहर नहीं निकलती। लेकिन इस लड़की ने व्यक्ति की जान बचाते वक़्त अपने बुर्के की परवाह नहीं की और उसकी जान बचाने के लिए बुर्के का इस्तेमाल किया। इस घटना के बाद से यह लड़की वहां के लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है।

भारतीय ट्रक ड्राइवर हरकिरीत सिंह के लिए 22 साल की जवाहर सैफ अल कुमैती किसी फ़रिश्ते से कम नहीं हैं।

दरअसल, कुछ दिनों पहले जवाहर अल कुमैती अपने दोस्तों संग खइमाह शहर के लिए निकली थीं। इसी दौरान उसने देखा कि दो ट्रकों में ज़बरदस्त आग लगी है। यह देख कर उसने अपनी गाड़ी रोकी और ट्रक के पास गई। ट्रक के पास जाने पर अंदर से उसे किसी के कराहने की आवाज़ आई।
यह देखते ही जवाहर उसकी मदद करने के लिए आगे आई। आप जानकर हैरान होंगे कि उस वक़्त घटनास्थल पर बहुत सारे लोग मौजूद थे लेकिन किसी में झुलसते हुए आग को बुझाने की हिम्मत नहीं थी।

लेकिन जवाहर ने बुर्के की मदद से केबिन में लगे आग को किसी तरह बुझाया और हरकिरीत को बाहर निकाला।
लोगों को सऊदी की इस लड़की की बहादुरी के बारे में तब पता चला जब इमरजेंसी डिपार्टमेंट के हेड मेजर तारेक अल शरहन ने खुद इस घटना को इंस्टाग्राम पर शेयर किया। वह इसके ज़रिये जवाहर की तलाश करके उसे सम्मानित करना चाहते थे। पोस्ट शेयर करने के बाद जवाहर का पता चल गया और वहां की स्थानीय पुलिस ने उसे सम्मानित किया। वहीं, भारतीय दूतावास ने भी इस लड़की के जज्बे को सलाम करते हुए उसे सम्मान दिया।

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