मानव जाति का अस्तित्व बचाना है तो छोड़ दो धरती

लंदन : जलवायु में तेजी से हो रहे परिवर्तन को लेकर महान भौतिकविद् स्टीफन हॉकिंग ने मानव जाति के लिए एक गंभीर तहर की समस्या से आगाह किया है। उनका कहना है कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ती जनसंख्या और उल्का पिंडों के टकराव से खुद को बचाए रखने के लिए मनुष्य को दूसरी धरती खोजनी होगी। अगर ऐसा नहीं होता है तो आने वाले 100 साल में पृथ्वी पर मानव जाति का बच पाना मुश्किल हो जाएगा। 
एक डॉक्यूमेंट्री एक्सपेडिशन न्यू अर्थ में स्टीफन हॉकिंग और उनके छात्र क्रिस्टोफ गलफर्ड बाहरी दूनिया में मानव जाति के लिए जीवन की तलाश करते नजर आएंगे। इस डॉक्यूमेंट्री में हॉकिंग ने दावा किया है कि धरती पर रहने का वक्त धीरे-धीरे खत्म हो रहा है जिंदा बचने के लिए मानव जाति को किसी दूसरे ग्रह पर व्यवस्था तलाशनी होगी। आश्चर्य की बात है कि 75 साल के स्टीफन हॉकिंग बोल नहीं सकते और न्यूरोन नाम की बीमारी से पीड़ित होने के बावजूद उन्होंने इंटेल की मशीन की मदद से दूनिया तक अपनी बात पहुंचाई और आविष्कार से लोगों को रु-ब-रु कराया।  
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, इस डॉक्यूमेंट्री का मकसद ब्रिटेन के सबसे बेहतरीन अविष्कार की खोज करना है। इसमें लोगों से पूछा जाएगा कि किस अविष्कार ने उनके जीवन को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। जानकारी के मुतबाकि, हॉकिंग ने पिछले महीने भी दूनिया को आगाह किया था। तकनीकी विकास के साथ मिलकर मानव की आक्रामकता ज़्यादा खतरनाक हो गई है। यही प्रवृति परमाणु या जैविक युद्ध के जरिए हम सबका विनाश कर सकती है और इससे हम सिर्फ वैश्विक सरकार ही बचा सकती है। नहीं तो मानव जाति का अस्तिव खो देगें।  
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