पाकिस्तान के चरमपंथी सुन्नी शासन के ख़िलाफ़ शिया मुसलमानों की बगावत.. नामी शिया नेता शेख हसन जोहरी के साथ कई शिया गिरफ्तार

पहले हिंदुओं का नरसंहार हुआ, फिर सरदारों के लिए नरक बना, फिर ईसाईयों की दुर्गति हुई और अब वहां के शिया मुसलमानों के लिए काल बनता जा रहा है पाकिस्तान.  सबसे खास बात ये है कि ये सब कुछ उस इमरान खान के समय में हो रहा है जिसे सेकुलर चेहरा मान कर देश विदेश की, यहां तक कि भारत तक कि तमाम मीडिया ने बड़ी बड़ी बातें की थी और उसको कट्टरपंथ की हार बताया था ..लेकिन एक तरफ ISI तो दूसरी तरफ तालिबान व ISIS मानसिकता के प्रचार से दबा सुन्नी बहुल पाकिस्तान अब एकदम नए व अद्वतीय कट्टरपंथ की तरफ बढ़ता जा रहा है जो आने वाले समय मे पाकिस्तान में गृहयुद्ध या पाकिस्तान के 1 और  विभाजन पर जा कर खत्म होने की संभावना है ..

ध्यान देने योग्य ये भी है कि इस से पहले भी पाकिस्तान बलूचों व अहमदिया मुस्लिमो के लिए आतंक का गढ़ बन चुका है .. अब शिया मुस्लिमों ने पाकिस्तानी फौज व सरकार के अत्याचार से तंग आ कर पाकिस्तान से आज़ाद होने की मुहिम छेड़ दी है और निकल पड़े हैं कट्टरपंथी सुन्नी बहुल पाकिस्तान में अपने वजूद की लड़ाई लड़ने के लिए ..इस से पहले भी सुन्नी बहुल अफगानिस्तान व पाकिस्तान में शियाओं के नरसंहार की, उनके उत्सवों के साथ मय्यतो पर बम ब्लास्ट की तमाम घटनाएं हो चुकी है जिसका भारत तक में प्रबल विरोध हुआ था और भारत के शियाओं ने पाकिस्तान को तत्काल भारत की तरफ से आतंकी मुल्क घोषित करने की मांग की थी..इसके भी अलावा सीरिया व इराक में सुन्नी मुस्लिमों के आतंकी दल ISIS ने कई बार कई शिया मुसलमानों का सामूहिक नरसंहार किया है ..

इतना ही नही इसी मानसिकता के चलते यमन में सुन्नी बहुल सऊदी अरब के हमले जारी हैं जिसमें कई बच्चे और औरतें हर दिन भर रही हैं ..भारत के लखनऊ आदि स्थलों में भी मुहर्रम आदि के दिनों में इन दोनों पक्षो में तनाव दिखता है और पिछले समय में कई बार झड़पें भी हो चुकी हैं ..मुज़्ज़फराबाद के बाद पाकिस्तान अधिक्रान्त जम्मू कश्मीर के स्कार्दू में पाकिस्तान के खिलाफ एक बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो गया है। शुक्रवार को पाकिस्तान सरकार ने गिलगित-बलतिस्तान यूथ अलायन्स के शिया लीडर शेख हसन जोहरी को गिरफ़्तार कर लिया। जिसके बाद स्कार्दू में भारी जन सैलाब सड़क पर उतर आया, और शहर पूरी तरह थम गया।

हज़ारों लोगों ने विरोध प्रदर्शन में गिलगित-बलतिस्तान के स्थानीय लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्वायत्तता वापिस बहाल करने की मांग रखी। दरअसल गिलगित बलतिस्तान के लोग स्टेट सब्जेक्ट रूल को खत्म करने और स्वायत्तता हासिल करने के लिए की पाकिस्तान की सरकार का सालों से विरोध कर रहे हैं।
जिसके तहत नवाज शरीफ सरकार की सरकार के दौरान कई आंदोलनकारियों की हत्या कर दी गयी थी। पाकिस्तान सरकार की पुलिस ने उल्टे आंदोलन के प्रणेता शेख हसन जोहरी को पाकिस्तान के खिलाफ लोगों को भड़काने का मामला दर्ज कर आवाज़ दबाने की कोशिश की थी..

लेकिन लोग लगातार पाकिस्तान सरकार के अत्याचारों और स्टेट सब्जेक्ट रूल को खत्म कर गिलगित बलतिस्तान में अवैध रूप से पाकिस्तानियों को बसाने के खिलाफ आंदोलन करते रहे। बीते हफ्ते पाकिस्तान सरकार ने फिर से शिया लीडर शेख हसन को गिरफ़्तार करने के लिए कई जगहों पर छापेमारी कर डराने की कोशिश की, लेकिन शेख ने खुद की गिरफ़्तारी देने को कहा, इस घोषणा के साथ कि इसी के साथ आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।
दरअसल इमरान खान सरकार गिलगित बलतिस्तान में एक तरफ तो पर्यटन बढ़ाने के बहाने POJK से बाहर के लोगों को बसाकर गिलगित बलतिस्तान की डेमोग्राफी चेंज करने की कोशिश में जुटी है, दूसरी तरफ चीन की मदद से पाकिस्तान गिलगित बलतिस्तान की नदियों, मिनरल्स का दोहन करने में जुटा है। चीन सरकार की मदद ये यहां सीपेक रोड़ बनाने के बाद बांध, सीमेंट फैक्ट्री समेत खनिजों के दोहन के लिए कईं प्रोजेक्ट शुरू कर चुका है।
हालांकि स्टेट सब्जेक्ट रूल के मुताबिक यहां किसी दूसरे क्षेत्र का निवासी न तो ज़मीन खरीद सकता है, न ही बिज़नेस कर सकता है और न ही घर बना सकता है। लेकिन पाकिस्तान सरकार की शह पर यहां सालों से इस नियम की धज्जियां उड़ाई जाती रहीं हैं। धीरे-धीरे यहां की शिया आबादी खतरे में घिर चुकी है और पाकिस्तान के खतरनाक इरादों से वाकिफ भी हो चुकी है, इसीलिए यहां पाकिस्तान से आज़ादी का आंदोलन तेज़ होता जा रहा है। स्कार्दू शहर में विरोध प्रदर्शन इसी की बानगी है।
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