सयुंक्त राष्ट्र प्रमुख का मोदी के लिए बोला शब्द न सिर्फ विपक्ष के लिए उलझन है बल्कि पाकिस्तान के लिए कहर भी

देश के विपक्षी दल भले प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हों लेकिन सयुंक्त राष्ट्र के प्रमुख ने प्रधानमन्त्री मोदी के लिए जो बयान दिया है उससे विपक्ष तो उलझन में पड़ा ही होगा साथ ही ये बयान पाकिस्तान पर भी कहर बनकर टूटा होगा. युक्त राष्ट्र (यूएन) के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि भारत के प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी जिस तरह से कार्य कर रहे हैं उससे न सिर्फ हिंदुस्तान बल्कि दुनिया को भी लाभ हो रहा है. यूएन महासचिव ने कहा कि आज पूरे विश्व को मोदी जैसे मजबूत नेतृत्व की जरूरत है.

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘चैम्पियन ऑफ द अर्थ’ पुरस्कार देते हुए कहा कि आज पूरे विश्व को ऐसे मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता है, जो वैश्विक पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के अभियान को आगे ले जा सके. मैं संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की ओर से भारत का आभारी हूं, जिसने पूरी दुनिया के सामने ऐसा एक उदाहरण प्रस्तुत किया. भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वैश्विक जलवायु परिवर्तन से निपटने, सौर ऊर्जा को लेकर इंटरनेशनल सोलर एलायंस जैसा मंच बनाने सहित तमाम कार्यों को नेतृत्व देने के लिए प्रधानमन्त्री मोदी को ‘चैम्पियन्स ऑफ द अर्थ’ पुरस्कार प्रदान करता हूं.

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि जलवायु परिवर्तन, आज समावेशी विकास के हमारे लक्ष्य प्राप्ति के लिए सीधा खतरा है, लेकिन यह हम सभी के लिए अस्तित्व में खतरा बन गया है. सीधे शब्दों में कहें तो हम अपने ग्रह को सहनशील स्तर से परे गर्म करने वाले ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम किये बिना, स्वस्थ ग्रह पर शांति और समृद्धि के लिए अपने लक्ष्यों को पूरा नहीं कर सकते हैं. हम जानते हैं कि हमें क्या करने की ज़रूरत है और बड़े पैमाने पर हमारे पास ऐसा करने के लिए टूल हैं. गुटेरस ने लाहा कि हम अभी भी कमजोर नहीं हैं, सौभाग्य से परिवर्तनशील निर्णय लेने की राजनीतिक प्रतिबद्धता है, जो हमें एक सुरक्षित मार्ग पर ले जाएगी और भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वो राह दिखाई है. इसलिए मैं भारत और फ्रांस की अगुवाई में इस महत्वपूर्ण पहल का स्वागत करता हूं.

गुटेरस ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन वास्तव में प्रतिनिधित्व करता है कि भविष्य में क्या किया जाना चाहिए और भविष्य का प्रतिनिधित्व करता है. मैं 2030 तक सौर ऊर्जा के 1,000 गीगावाट की तैनाती के प्रति एक ट्रिलियन डॉलर जुटाने के अपने लक्ष्य की सराहना करता हूं. मैं 2022 तक सौर ऊर्जा क्षमता के 100 गीगावाट हासिल करने की अधिक महत्वाकांक्षा के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए भारत सरकार की सराहना करता हूं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘चैंपियन आफ द अर्थ’ बन गए हैं तथा आज दुनिया को मोदी जैसे नेतृत्व की जरूरत है. आपको बता दें कि भारत के प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी तथा फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों को संयुक्त रूप से ‘चैंपियन आफ द अर्थ’ पुरस्कार के लिए चुना गया था जिसके बाद देश की राजधानी नई दिल्ली में बुधवार को संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने प्रधानंमत्री मोदी संयुक्त राष्ट्र के इस सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार से नवाजा..

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