मतगणना से पहले बोलीं सैकड़ों अमेरिकी कंपनियां.. हिंदुस्तान में फिर से बने मोदी सरकार ताकि चीन को छोड़ भारत में करें निवेश


लोकसभा चुनाव 2019 के ज्यादातर एग्जिट फिर एक बार मोदी सरकार बनने की ओर इशारा कर रहे हैं. लगभग सभी एग्जिट पोल्स में बीजेपी नीत NDA बंपर बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करता हुआ दिखाई दे रहा है तथा देश में फिर एक बार मोदी सरकार बनने जा रही है. कल 23 मई को चुनावी नतीजे आने के बाद साफ़ हो जाएगा कि देश की जनता ने मोदी सरकार पर कितना विश्वास दिखाया है लेकिन इससे पहले ही एक बड़ी खबर सामने आई है.

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खबर के मुताबिक़, भारत के चुनावी नतीजों से पहले ही अमेरिका की सैकड़ों बड़ी कंपनियों ने इच्छा जताई है कि भारत में एक बार फिर से मोदी सरकार बने ताकि वह चीन को छोडकर भारत में निवेश कर सकें. बता दें कि अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से व्यापारिक युद्ध जारी है. ऐसे में अमेरिकी कंपनियां अपने लिए भारत को बेहतर विकल्प के तौर पर देख रही हैं. इस बीच लोकसभा चुनाव के नतीजे से पहले एग्जिट पोल में मोदी सरकार बहुमत के साथ वापसी के संकेत मिल रहे हैं. व्यापार जगत के लिए यह अच्छी खबर है, क्योंकि उनका मानना है कि मजबूत सरकार होने से व्यापार करना आसान होगा.

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आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी कंपनियों को आगामी सरकार से ज्यादा पारदर्शिता और नीतिगत ढांचे में सुधार की बहुत ज्यादा उम्मीदें हैं. अगर यह मुमकिन हो पाता है तो की कंपनियां भारत में बड़े पैमाने पर निवेश करने के लिए इच्छुक हैं. अमेरिका- भारत रणनीतिक और भागीदारी मंच के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा, ‘‘नीति रूपरेखा तैयार करने में अमेरिकी कंपनियां पारदर्शिता के साथ साथ बेहतर सांमजस्य चाहती हैं. नीतियों को तैयार करने में यदि विचार विमर्श की प्रक्रिया अपनाई जाये तो उन्हें अच्छा लगेगा.’’

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फ़िलहाल अमेरिकी कंपनियों की नजर भारत में 23 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर है. अघी ने कहा कि भारत के समक्ष इस समय अमेरिकी और यूरोपीय कंपनियों को निवेश के लिये आकर्षित करने के शानदार अवसर मौजूद हैं, क्योंकि इस समय चीन के उसके व्यापारिक भागीदारों के साथ संबंध तनावपूर्ण चल रहे हैं.

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हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन और अमेरिका के बीच जारी व्यापारिक युद्ध की वजह से कंपनियों का काफी नुकसान हो रहा है. ऐसे में करीब 200 अमेरिकी कंपनियां भारत में मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना चाहती हैं. हालांकि, उन्हें 23 मई के नतीजे का इंतजार है. वे भारत को चीन के विकल्प के रूप में देखते हैं. ये कंपनियां उम्मीद करती हैं कि अगर मोदी सरकार वापस सत्ता में आती है तो निवेश करना आसान होगा, नियम आसान और पारदर्शी बनाए जाएंगे. फैसले लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और भ्रष्टाचार मुक्त होगा.

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अगर इन कंपनियों को भारत में उचित माहौल मिलता है तो ये बहुत जल्द भारत में शिफ्ट कर जाएंगी. भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए यह बहुत सकारात्मक स्थिति होगी. निवेश बढ़ने से रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे. निवेश बढ़ने पर भारत का व्यापार घाटा भी घटेगा. वर्तमान में भारत का व्यापार घाटा (आयात ज्यादा और मुकाबले में निर्यात कम) बहुत ज्यादा है, जिसका अर्थवय्वस्था पर काफी बुरा असर पड़ता है. फ़िलहाल देश में किसकी सरकार बन रही है, इसके लिए हमें कल तक का इन्तजार करना होगा.

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