एक और इस्लामिक मुल्क में एक दूसरे को कत्ल करने की शुरू हुई जंग..24 घण्टे में गिर चुकी हैं 150 से ज्यादा लाशें

आखिर वह कौन सी सोच है जो मजहब के आधार पर निर्दोष लोगों का कत्लेआम करती है? वह कौन सी सोच है जो कभी धार्मिक स्थलों में बम विस्फोट करती है तथा भगवान के भक्तों को मौत के घाट उतार देती है तो कभी सार्वजनिक स्थलों पर फिदायीन बनकर लाशों का ढेर लगा देती है? सबसे आश्चर्य की बात ये है कि जब ये सोच गैर मजहबी लोगों को मारने में कामयाब नहीं हो पाती तो किसी न किसी तरीके से अपने ही मजहब के लोगों को गैर मजहबी मानकर उनका कत्लेआम शुरू कर देती है. यही सब तो सीरिया, लीबिया, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, नाइजीरिया, इराक में हो रहा है जहां इस्लामिक आतंकी दल लगातार लोगों की जान ले रहे है. ये आतंकी दल हिंदुस्तान व अन्य देशों में मजहब को आधार बनाकर आतंकी हमले करते हैं तो इन देशों में भी इनका आधार यही होता है लेकिन मजहब मापने का इनका पैमाना बदल जाता है तथा लोगों की जानें ली जाती है.

अफगानिस्तान, सीरिया की तरह एक और इस्लामिक मुल्क से खबर आई है जहां आपस में ही मारकाट शुरू हो गई है जिसमें पिछले 24 घण्टों से 150 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी हैं. खबर के मुताबिक, ये संघर्ष इस्लामिक मुल्क यमन में हुआ है जहां सरकार समर्थकों और विद्रोहियों के बीच पिछले 24 घंटों से मुठभेड़ चल रही है, जिसमें कम से कम 150 लोगों की मौत हो चुकी हैं. यमन के होदैदा शहर में हुति विद्रोहियों और सरकार का समर्थन करने वालों या सेना के बीच जंग चल रही है. यमन की मिलिट्री ने सोमवार को कहा कि इसमें सात नागरिकों की भी मौत हुई है. सूत्रों के मुताबिक, इस मुठभेड़ में 100 से ज्यादा हुति विद्रोहियों की मौत हुई हैं. बताया जा रहा है कि सऊदी अरब भी इस लड़ाई में विद्रोहियों पर हवाई हमले कर रहा है. बता दें कि लाल सागर में स्थित बंदरगाह वाले इस शहर पर 2014 से हुति विद्रोहियों का कब्जा है. समुद्री रास्तों से यमन में एंट्री करने के लिए होदैदा एक प्रमुख शहर है. यमन की सरकार समर्थित मिलिट्री और सऊदी समर्थित सेना ने कहा है कि होदैदा पोर्ट से कई विद्रोहियों को खदेड़ने में कामयाबी मिली है. बताया जा रहा है कि पूरे शहर में अब तक 110 विद्रोहियों को मार गिराया जा चुका है तो वहीं कम से कम 32 अन्य लोग भी मरे हैं, जिसमें नागरिक और सरकार समर्थित सेना है.

बताया जा रहा है कि यमन के होदैदा शहर में 1 नवंबर से विद्रोहियों और सरकार समर्थित सेना के बीच जंग चल रही है, जिसमें अब तक लगभग 600 लोगों की मौत हो चुकी हैं. यमन का होदैदा सबसे घनी आबादी वाला शहर है. मीडिया सूत्रों के मुताबिक, इस्लामिक मुल्क सऊदी अरब का पिछले कई सालों से यमन में हिंसक दखल को मिल रहा है, जिसमें लाखों लोगों की जान जा चुकी हैं. सऊदी का आरोप है कि यमन उनका पड़ोसी देश है, जहां हुति विद्रोहियों को ईरान का समर्थन मिलता है. सऊदी का आरोप है कि ईरान हुति विद्रोहियों को हथियार उपलब्ध कर रहा है और जिनका इस्तेमाल वे किंगडम के खिलाफ कर रहे हैं वहीं ईरान ने सऊदी के इन आरोपों का कई बार खंडन किया है. फिलहाल यमन के हौदेदा में जबरदस्त संघर्ष तथा कत्लेआम जारी है.


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