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इस्लामिक मुल्क सीरिया- यहाँ पिछले साल साल से हर साल कत्ल हो रहे डेढ़ लाख लोग. जानिये सबसे ज्यादा किस ने मारे ?

न जाने खाड़ी देशों में ऐसा क्या है जो ताकतवर देशो के लिए एक प्रयोगशाला जैसा बनता जा रहा है . सीरिया , ईराक जैसे देशो में आतंक की आंधी के साथ साथ ताकतवर देशों की नूराकुश्ती और जोर आजमाईश आदि ऐसे प्रयोगों के गवाह बन रहे हैं जो केवल और केवल मानव के जीवन से किये जा रहे हैं . एक प्रकार से माना जा सकता है की शक्तिशाली देशो ने इन देशों को अपने हथियारों की मानव पर मारक क्षमता को जांचने के लिए प्रयोग किया है .

उन तमाम देशों में से एक और प्रमुख है अपना अस्तित्व मिटा चुका सीरिया जो अमेरिका और रूस के साथ साथ ISIS नामक इस्लामिक आतंकी दल के लिए एक प्रयोगशाला बन चुका है . इस अशांत देश में पिछले सात साल से जो जंग चल रही है उसमें इस देश को शायद कभी भी न भर पाने वाले और सैकड़ों साल बाद उबर पाने के घाव मिले हैं . यहाँ पिछले सात सालों में हुई मौतों के आंकड़े आने के बाद पूरी दुनिया में हैरानी और आश्चर्य है . एक आंकड़े के अनुसार अब तक पिछले 5 साल में लगभग 7 लाख लोग इन हमलों में मारे गये है जिसका प्रतिवर्ष आंकड़ा डेढ़ लाख के आस पास निकल कर सामने आता है .

सन 2011 में शुरू हुए मौत के खूनी खेल से रंगना शुरू हुआ सीरिया हर दिन बद से बदतर हालत में जा रहा है . यहाँ पर अमेरिका और रूस जैसे सबसे मजबूत देशो पर संयुक्‍त राष्‍ट्रसंघ (यूएन) की ओर से सीजफायर के आदेश को भी ताख पर रखा जाता है ..अभी हाल में ही किया गये सीजफायर के आदेश के बाद अब तक बमबारी में 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है .इस पूरे कत्लेआम में सबसे अधिक हाथ रहा है रूस का जिसके बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए अमेरिका ने वहां इंट्री की है लेकिन अभी भी सीरिया की सरकार पूरी तरह से रूस के ही अधीन हो कर चल रही है जो फिलहाल असद के इशारे पर संचलित हो रही है .

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