8 ईरानियों को मार कर इजराइल ने दी इस्लामिक जगत को चुनौती

इस्लामिक चरमपंथ के खिलाफ आक्रामक कार्यवाही के लिए जाने वाले इजराइल ने इस बार एक शक्तिशाली इस्लामिक मुल्क ईरान पर जवाबी हमला करके इस्लामिक जगत को सीधी चुनौती दी है कि वह चरमपंथ को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा तथा आज भी कट्टरपंथ के खिलाफ उसकी आक्रामक सोच में कोई बदलाव नहीं हुआ है. बता दे कि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इरान के साथ अमेरिका के परमाणु करार को तोड़ने की घोषणा की थी. अमेरिका के इस निर्णय के बाद जहाँ कई देश ट्रंप प्रशासन के खिलाफ खड़े नजर आये वहीं इजराइल ने अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले का स्वागत किया था.

इजराइल ने ईरान पर ये हमला सीरिया में ईरान के सैन्य ठिकानों पर किया है. बताया गया है कि इजराइल के इस हमले में 8 ईरानी सैनिकों सहित 15 लोगो की मौत हो गयी है. जानकारी के मुताबिक, सीरिया में दमिश्क सहित अन्य कई ईरानी ठिकानों पर इजराइली सेना ने हमला किया है. मीडिया खबरों के मुताबिक इजराइल ने कहा है कि यह तो उस रॉकेट हमले का जवाब है जो ईरान ने उसके सैनिक ठिकानों पर दागे थे. सीरिया में इजराइल और ईरान के बीच यह सबसे बड़ा टकराव माना जा रहा है. बता दें कि इजराइल को सभी इस्लामिक मुल्क अपने एक बड़े प्रतिद्वन्दी के रूप में देखते हैं तथा इजराइल ने ही ये कहा था कि अमेरिका के साथ परमाणु करार होने के बाद भी ईरान गैरकानूनी तरीके से परमाणु हथियार बना रहा है तथा इसके बाद ही अमेरिका ने ईरान के साथ करार तोड़ लिया था.

इजराइली सेना का आरोप है कि सीरिया में तैनात ईरानी रेवोल्यूशनरी गार्ड्स ने गोलान हाईट्स में इजराइली सेना पर 20 रॉकेट दागे. इजराइली सेना का कहना है कि इन हमलों में उनके सैनिकों को गंभीर चोटें आई हैं. इजराइली सेना का कहना है कि जब ईरान ने इजराइल के सैनिकों को निशाना बनाया तो ईरान को इसका माकूल जवाब देना जरूरी था ताकि कोई भी इजराइल को हल्के में लेने की कोशिश न करे तथा भविष्य में ऐसी हरकत न करे. इजराइल ने कहा है कि इरानी सेना की कार्यवाही के जवाब में उन्होंने सीरिया में तैनात ईरानी सेना के हथियारों के स्टोर, मिसाइल लांचर अड्डे और अन्य सैन्य ठिकानों पर बम गिराए हैं और अगर ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो इजराइल की सेना उसको सबक सिखाने के लिए तैयार है.

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