आज ही का दिन था वो जब इजरायल ने हमला बोल दिया था लेबनान पर. मात्र 2 सैनिको के मुद्दे पर और फिर ३३ दिन तक मची रही तबाही और गिरी अनगिनत लाशें

ये वो समय था जब इजरायल के खिलाफ तमाम इस्लामिक देश एक हो रहे थे . यहूदियों को खत्म करने के लिए एक समय तमाम इस्लामिक मुल्क एक हो चुके थे लेकिन वो दृढ़ता थी इजरायल की जो एक एक कर के सबसे लड़ा और सबको माकूल जवाब भी दिया था . भले ही कुछ देशो के लिए एक या दो सैनिको का कोई भी मतलब न हो लेकिन इजरायल एक ऐसा देश था जो अपने एक एक सैनिक को अपने राष्ट्र की धरोहर मानता था और इसी के चलते आज ही के दिन शुरू हुआ था एक ऐसा युद्ध जिसकी हिम्मत शायद ही कोई और देश कर पाए . जानिये क्या हुआ था उस दिन ऐसा .

ये समय था सन २००४ का और दिन था आज का ही अर्थात १३ जुलाई.. उस समय इजरायल और लेबनान में सैनिको की अदला बदली की एक संधि हुई थी जिसका पालन इजरायल ने तो किया पर लेबनान ने देखा दिया और इजरायल के दो सैनिक अपने ही पास रख लिए थे . इसके लिए लेबनान ने एक बड़े आतंकी दल हिज़्बुल्लाह का सहारा लिया था जिसे जगजाहिर था की समर्थन लेबनान ही करता था और आर्थिक के साथ साथ हथियार भी उपलब्ध करवाता था .

अपने २ सैनिको के साथ हुए धोखे को इजरायल सहन नहीं कर पाया और उसने कर दिया था लेबनान के खिलाफ युद्ध का एलान . उस समय इजरायली सेनाएं घुस गयी थी लेबनान में और ऊपर से हवाई हमले भी शुरू हो गए थे . लेबनान ने अपनी तरफ से लड़ने के लिए अपनी सेना के साथ साथ हिज़्बुल्लाह आंतकियो को उतारा लेकिन इजरायल की फ़ौज ने अपने कहर को जारी रखा .. यद्द्पि इस जंग में इजरायल को भारी नुक्सान हुआ था लेकिन उसने लेबनान को काफी हद तक तहस नहस कर दिया था . ये जंग इजरायल की नहीं बल्कि लेबनान की जमीन पर ज्यादा लड़ी गयी थी . ये जंग ३३ दिन चलती रही और किसी की हिम्मत नहीं हुई थी इजरायल को रोकने की . इजरायल तब ही शांत हुआ था जब उसने 150 से 200 हिजबुल्लाह लड़ाके, लगभग 600 लेबनानी नागरिक मार दिए थे ..

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