जिस रूस के राजदूत को राहुल गाँधी ने बुलाया था रोज़ा इफ्तारी के कार्यक्रम में उसी रूस की सेना फिर मौत बन कर बरसी इस्लामिक मुल्क सीरिया में

अभी हाल में ही भारत में मुस्लिम के कई बड़े नामो ने राहुल गाँधी की रोज़ा इफ्तारी में बढ़ चढ़ कर शिरकत की . उस रोज़ा इफ्तारी में रूस के राजदूत भी शामिल हुए थे जिनके साथ कई मज़हबी ठेकेदारों ने सहभागिता की . किसी को उस समय रूस से कोई दिक्कत नहीं थी जिसके बमो से हर दिन सीरिया और इराक में कभी इस्लामिक आतंकियों तो कभी वहां के नागरिको की गिर रही हैं लाशें . अब उसी रूस ने दुनिया के हर मुस्लिम देशो को चुनौती देते हुए एक बार फिर से बरसाई है इस्लामिक मुल्क सीरिया में मौत और मार डाले हैं लगभग ३० वो मुस्लमान नागरिक जो सैनिक नहीं थे .

विदित हो कि रूस ने एक बार फिर से आक्रामक रुख अपनाया है और आसमान से बरसाई है मौत .  दक्षिणी सीरिया के विद्रोहियों की पकड़ वाले इलाकों पर रूस की तरफ से एक के बाद एक किए गए हवाई हमलों में गुरुवार( 28 जून) को लगभग 30 उन लोगों की मौत हो गयी जो रूसी फ़ौज को चुनौती देने वाले सैनिक नहीं थे .. इसमें महिलाये और बच्चे भी शामिल होना बताया जा रहा है . सीरिया युद्ध में कार्य कर रही एक निगरानी संस्था ने यह जानकारी दी. संस्था ने बताया कि मारे जाने वालों में से ज्यादातर लोग एक ही प्रांत के थे जो हमले की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ. संस्था के प्रमुख रामी अब्देल रहमान ने कहा , “19 जून से इन हमलों के बढ़ने के बाद से यह पहला हमला है जिसमें इतने ज्यादा लोग मारे गए

रूस के इस हवाई हमले पर सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा, “अल-मसेफरा प्रांत पर कम से कम 25 रूसी हवाई हमले किए गए.” ब्रिटेन की इस संस्था ने बताया, ” रूस के अचानक किये गए इन हमलो में से एक हमला एक उस बेसमेंट पर हुआ जहां युद्ध से भागे शरणार्थी लोग शरण लिए हुए थे. ब्रिटेन की इस संस्था का दावा है कि रूस के इन हमलो में इसमें पांच बच्चों समेत 17 असैन्य नागरिकों की मौत हो गई.” ऑब्जर्वेटरी ने कहा कि जिस प्रकार के विमानों और युद्ध सामग्री का इस्तेमाल हुआ, जिन स्थानों को चुना गया और लड़ाई के तरीकों को देखते हुए उसके आधार पर साफ होता है कि ये हमले किसने किए हैं. अन्य पांच लोग दक्षिणी सीरिया के मुख्य प्रांत दारा में मारे गए.

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