अपने सैनिको पर चीख कर बोला इस देश का मंत्री- ” बच्चे थे तो क्या हुआ, कल के दुश्मन वो भी हैं.. उन्हें बम से क्यों नहीं मारा ?”

अपने सैनिको को घायल देख कर उबल पड़ा था वो मंत्री . उसने पूछा की हमला करने वाले कौन थे तो सैनिको ने बताया की बच्चो को आगे कर के दुश्मन उन पर पत्थर बरसा रहे थे और वो दुश्मन को इसलिए नहीं मार पा रहे थे क्योकि अगर वो गोलियां चलाते तो पहले वो तमाम बच्चे मारे जाते जो आगे ढाल जैसे खड़े किये गए थे . इतना सुन कर आग बबूला हो गया उस देश का मंत्री और बोला – बच्चे हों या बड़े , जो भी दुश्मन है उसको सीधे बम से मारो .. लाशों की गिनती मत करो” ..

ये बयान है आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत और बेहद सशक्त आवाज माने जाने वाले देश इजरायल के एक सीनियर मंत्री का जिस ने सैनिको की राह में रोड़ा अटकाने वाले की बिना उम्र या लिंग देखे सीधे मार डालने के आदेश जारी किये हैं . उनका सीधा कहना है की अगर तुम्हारे देश या तुम पर कोई खतरा आये तो निश्चिन्त हो कर राह में रोड़े अटका रहे फिलिस्तीनी बच्चों को सीधे बम मार कर मार डालो .. मीडिया रिपोर्ट से मिल रही सूचना आधार पर बताया जा रहा है की नेतन्याहू के बेहद करीबियों में गिने जाने वाले इजरायली सरकार में शामिल शिक्षा मंत्री नफ्ताली बेंट ने कैबिनेट के बैठक से ख़िताब में कहा कि जब बात देश और देश के रक्षको की हो तो इजरायल को फिलिस्तीनियों के बच्चों से कोई हमदर्दी नहीं होनी चाहिए। अगर गाजापट्टी से गुब्बारों के साथ बम बांधकर इजरायली कालोनियों में फेंक रहे हैं तो उन्हें जवाब में निशाना बनाकर बम मारे जाएँ।

इस मौके पर इजरायली शिक्षा मंत्री ने कहा कि फिलिस्तीनी बच्चों को जिनकी उम्रें 18 साल से कम हैं उन्हें गुब्बारे फेंकने पर सीधे तौर पर बम मार कर मौत दी जाए जिस से आगे वो किसी भी इजरायली जवान को नुक्सान न पहुंचा सकें . विदित हो की फिलिस्तीन के आतंकी बच्चो को ढाल बना कर गुब्बारों में बारूद रख कर इजरायली इलाको और सैनिको पर फेंक रहे थे जिसका प्रतिशोध अब उन बच्चो को मार कर लेने के आदेश जारी कर के लिया गया है .इजरायल सरकार के मंत्री के इस आदेश का कई इस्लामिक देश विरोध कर रहे हैं लेकिन सोशल मीडिया पर तमाम ऐसे लोग भी दिखे हैं देश और सैनिको की रक्षा के हित में उठाये गए किसी भी कदम को सही और स्वीकार्य मानते हैं ..

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