चीन सरकार के नियंत्रण में काम करने से मना किया था ईसाई बिशप पीटर शाओ ने… फिर चीन ने किया वो कि ईसाई जगत में मच गई खलबली

चीन में उइगर मुसलमानों की स्थिति को लेकर पहले से ही घमासान मचा हुआ है. इसके बाद खबर आई थी कि चीन में मुस्लिम ही नहीं बल्कि ईसाई समुदाय के खिलाफ भी अभियान चलाया गया है. लेकिन अब चीन से एक ऐसी खबर सामने आई है जिससे वेटिकन से लेकर संपूर्ण ईसाई जगत में खलबली मच गई है.  कैथलिक समाचार एजेंसी के अनुसार चीन में ईसाई बिशप पीटर शाओ झूमिन पिछले कई दिनों से गायब हो गए हैं.

आपको बता देन कि झूमिन वह बिशप हैं जिन्होंने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नियंत्रण वाली चर्च की संस्था का हिस्सा बनने से साफ़ मना कर दिया था, एजेंसी ने दावा किया है कि उन्हें हिरासत में ले लिया गया है. शाओ को 2016 में पोप ने दक्षिण पूर्वी शहर वेनझोऊ में नियुक्त किया था, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में ईसाई आबादी रहती है. वहीं स्थानीय अधिकारियों ने बिशप के लापता होने के सम्बन्ध में कोई भी जानकारी होने से इन्कार कर दिया है. शाओ के गायब होने की यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब विभिन्न शहरों में बिशप की नियुक्ति को लेकर चीन वेटिकन सिटी के बीच हाल ही में सहमति बनी है.

हालांकि, इस समझौते की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि वेटिकन इस बात पर सहमत हो गया है कि बिशप बनने के लिए उम्मीदवार को नामित करने का अधिकार तो वेटिकन के हाथ में ही रहेगा लेकिन चीन बिशप की नियुक्ति का विरोध करने के लिए स्वतंत्र रहेगा. कुछ आलोचक जहां इस समझौते पर नाराज़गी जाता रहे हैं, वहीं अन्य लोग इसे अधूरा लेकिन महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं, उनका कहना है कि इस कदम से चीन के पूरे कैथलिक समुदाय को एकजुट करने में मदद मिलेगी. लेकिन ईसाई बिशप के गायाब होने के बाद वेटिकन तथा चीन सरकार में फिर से तनाव की संभावना प्रबल हो गई है.

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