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हिन्दू बढ़ चढ़ कर निभा रहा है सेकुलरिज्म के सारे सिद्धांत. लेकिन उसको में मिल रहा ये सब .. अब निशाने पर एक 15 साल की बच्ची

धर्मनिरपेक्षता अर्थात सेकुलरिज्म का सिद्धांत आज के समय में हिन्दू समाज में कूट कूट कर भरा है . वो उन सिद्धांतो के आगे शायद ही किसी को रखता हो लेकिन उसके बदले में उसको जो मिल रहा है वो दुनिया देख रही है लेकिन एकदम ख़ामोशी से . ज्ञात हो कि विदेशो में किसी चर्च पर गलती से भी पडा एक पत्थर भी बन जाता है संयुक्त राष्ट्र की चिंता का विषय पर जो हिन्दुओ को झेलना पड़ता है वो चिंता तो दूर चर्चा का विषय भी नहीं बन पाता .

ज्ञात हो कि आधुनिकता की दौड़ में अपने मूल्यों को भूल जाने वालों के झकझोर देने वाली घटना घटी है आस्ट्रेलिया में . यहाँ पर एक कैथोलिक स्कूल ने एक हिन्दू बच्ची को स्कूल से सिर्फ इसलिए निकाल दिया है क्योकि उसने हिन्दू परम्परा के अनुसार अपने नाक को छिदवा लिया था जो ईसाई कैथोलिक टीचरों को पसंद नहीं आया . मात्र 15 साल की उम्र में इस बच्ची ने मजहबी कट्टरपंथ का वो रूप देखा जो उसने कभी सोचा भी नहीं रहा होगा .

विदित हो कि ये घटना पश्चिम आस्ट्रेलिया की है . इस ईसाई कैथोलिक स्कूल का नाम अर्न्मोर कैथोलिक स्कूल है और पीडिता बच्ची का नाम सान्या सिंघल है . बच्ची की उम्र मात्र 15 वर्ष है . गहरे सदमे में जी रही इस बच्ची की माँ कल्याणी जी ने बताया है कि बच्ची को मात्र नाक में कील आदि पहनने के लिए 12 माह के लिए स्कूल से निकाल दिया गया है . उन्होंने बताया कि हमने हिन्दू परम्परा का निर्वहन किया था जो हमारे यहाँ बहुत पहले का रिवाज है . पर्थ के इस स्कूल में अन्य भी कई हिन्दू छात्र और छात्राएं है लेकिन उन्हें किसी भी प्रकार की कोई हिन्दुओ से जुडी परम्परा का निर्वहन करने की अनुमति नहीं है .

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