चुनौती अमेरिका को या ईसाईयत को ? क्रिसमस के दिन घातक मिसाइल परीक्षण करेगा किम जोंग

अमेरिका और उत्तर कोरिया में तीखी बयानबाजी जारी है. कुछ दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सेना सेना उत्तर कोरिया से निपटने के

लिए हर तरह से तैयार है. इससे ठीक पहले उत्तर कोरिया ने प्रशांत महासागर में स्थित अमेरिकी द्वीप गुआम पर हमले की धमकी दी थी. इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप

ने ट्वीट कर कहा कि अगर उत्तर कोरिया कोई नासमझी भरा कदम उठाया तो वे सैन्य कदम उठाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.

वहीँ, अगर उत्तर कोरिया को

देखें तो वह सीरिया से कहीं ज्यादा ताकतवर नजर आता है. दक्षिण कोरियाई खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार 1967 की तुलना में उत्तर कोरिया की

‘कोरियन पीपुल्स आर्मी’ ने तेजी से प्रगति की है. उस समय जहां उसकी सेना में करीब साढ़े तीन लाख जवान ही थे. वहीं, अब यह आंकड़ा 12 लाख है. इस

लिहाज से उसकी सेना दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं की सूची में अमेरिका और भारत के बाद तीसरे नंबर पर आती है.

इसके अलावा उत्तर कोरिया में हर नागरिक

के लिए साल में कम से कम दो बार सैन्य प्रशिक्षण लेना भी अनिवार्य है जिससे युद्ध के वक्त सभी को लड़ने के लिए बुलाया जा सके. इन्हीं खुफिया एजेंसियों की

मानें तो केवल सैन्य ताकत बढ़ाने पर ही जोर देने वाला उत्तर कोरिया वर्तमान में आधुनिक हथियारों के मामले में भी पांच विश्व शक्तियों के आस-पास ही नजर

आता है. अपनी परमाणु संपन्नता को भी वह पांच बार परीक्षण करके साबित कर चुका है.

अब तानाशाह किम जोंग उन ने नॉर्थ कोरिया को ‘दुनिया का सबसे

शक्तिशाली परमाणु ताकत’ बनाने का प्रण लिया है नॉर्थ कोरिया क्रिसमस के मौके पर फिर मिसाइल टेस्ट कर सकता है. मीडिया रिपोर्ट में ऐसी संभावना जताई

गई है. आपको बता दें कि किम जोंग हाल ही में माउंट पैकटू पर गया था. इससे इस बात को बल मिल रहा है कि नॉर्थ कोरिया कोई महत्वपूर्ण फैसला ले सकता

है.

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