न्याय हुआ अमेरिका में बिना वोटबैंक के लालच में…. ISIS में जाने की शौक ने पहुचाया उसे जेल में जबकि वो महिला थी

एक माँ होते हुए भी उस IS आतंकी संघठन का प्रचार करती थी वो जिसने नज़ाने कितने मासूम बच्चों को क्रूरता से मौत के घाट उतारा हैं. उन दरिंदो के साथ मिलकर उन्ही आतंकियों की तरह बेगुनाहो के खून की होली खेलना चाहती थी. मासूम बच्चों को उनके माता पिता से दूर कर अनार्थ करने का इरादा रखती थी। और जब पकड़ी गयी तो अपनी इस सोच को भली सोच कह रही हैं.

दरअसल, फिलाडेल्फिया की एक महिला किआनो थॉमस को इस्लामिक स्टेट में शामिल होने के लिए सीरिया जाने की योजना बनाने और कई सालों तक आतंकी संगठन के संदेशों का ऑनलाइन प्रचार करने के लिए आठ वर्ष की सजा सुनाई गई है. किआनो थॉमस ने अपना गुनाह कबूला हैं जिसके बाद उसे सजा सुनाई गयी हैं. सजा मिलने से पहले महिला ने सफाई देते हुए कहा कि वह बुरी महिला नहीं है. बता दे, किआनो थॉमस दो बच्चों की मां है जो कि हिंसा का ऑनलाइन प्रचार करती थी. किआनो थॉमस ने इस्लामिक स्टेट के एक आतंकी से ऑनलाइन शादी की थी और साथ ही किआनो थोमस के कट्टरपंथी लोगों के साथ नजदीकी संबंध भी थे.

एक माँ होकर भी अगर किआनो थॉमस जैसी महिलाये उन माओ की पीड़ा जिन्होंने आतंकियों के हाथो अपने बच्चों के कत्लेआम होते देखे हैं, न समझते हुए भी IS जैसे आतंकी संगठन में शामिल होने की ख्वाइश रखती हैं. तो और लोगों से क्या उम्मीद लगा सकते हैं.
  

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