दुनिया भर में मनाया जा रहा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस.. भारतीय संस्कृति की खुशबू की महक रहा संसार

आज 21 जून को भारत समेत दुनियाभर में 5वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है. दुनियाभर के सभी मुल्कों ने भारतीय संस्कृति तथा सभ्यता के अहम् भाग योग को दुनिया ने स्वीकार किया है तथा भारतीय संस्कृति की इस पावन खुशबू से पूरा संस्कार महक रहा है. इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2019 के लिए थीम क्लाइमेट एक्शन है. आज देश भर में लगभग 13 करोड़ लोग अलग-अलग जगहों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं तो वहीं संयुक्त राष्ट्र के साथ पूरी दुनिया योग दिवस पर योग करती हुई नजर आ रही है.

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इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड की राजधानी रांची में योग किया तो वहीं योगगुरु स्वामी रामदेव ने महाराष्ट्र ने नांदेड़ में योग किया. पीएम मोदी के साथ रांची के प्रभात तारा मैदान में करीब 35 हजार लोगों ने योग किया. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, ‘योग अनुशासन है, समर्पण हैं, और इसका पालन पूरे जीवन भर करना होता है. योग आयु, रंग, जाति, संप्रदाय, मत, पंथ, अमीरी-गरीबी, प्रांत, सरहद के भेद से परे है. योग सबका है और सब योग के हैं.’

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पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी को, पूरे देश और दुनिया को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं. योग के दुनिया भर में प्रसार में मीडिया के हमारे साथी, सोशल मीडिया से जुड़े लोग जिस तरह अहम भूमिका निभा रहे हैं, वो भी बहुत महत्वपूर्ण है. मैं उनका भी आभार व्यक्त करता हूं. अब मुझे आधुनिक योग की यात्रा शहरों से गांवों की तरफ ले जानी है, गरीब और आदिवासी के घर तक ले जानी है। मुझे योग को गरीब और आदिवासी के जीवन का भी अभिन्न हिस्सा बनाना है. क्योंकि ये गरीब ही है जो बीमारी की वजह से सबसे ज्यादा कष्ट पाता.

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पीएम मोदी ने कहा कि आज के बदलते हुए समय में, Illness से बचाव के साथ-साथ Wellness पर हमारा फोकस होना जरूरी है. यही शक्ति हमें योग से मिलती है, यही भावना योग की है, पुरातन भारतीय दर्शन की है. योग सिर्फ तभी नहीं होता जब हम आधा घंटा जमीन या मैट पर होते हैं. योग अनुशासन है, समर्पण हैं, और इसका पालन पूरे जीवन भर करना होता है. योग आयु, रंग, जाति, संप्रदाय, मत, पंथ, अमीरी-गरीबी, प्रांत, सरहद के भेद से परे है. योग सबका है और सब योग के हैं.

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बता दें कि 5 हजार सालों से योग भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है. योग न केवल आपके शरीर को रोगों से दूर रखता है बल्कि आपके मन को भी शांत रखने का काम करता है. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से हुई. 27 सितंबर 2014 को पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में एकसाथ योग करने की बात कही थी. इसके बाद महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को इस प्रस्ताव को स्वीकार किया और तभी से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अस्तित्व में आया.

आखिर 21 जून को क्यों मनाया जाता है योग दिवस

क्या कभी आपने सोचा है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को ही क्यों मनाया जाता है. इसके पीछे भी एक बेहद खास वजह छिपी है. दरअसल 21 जून उत्तरी उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन होता है, जिसे कुछ लोग ग्रीष्म संक्रांति भी कहकर बुलाते हैं. भारतीय परंपरा के अनुसार ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है. कहा जाता है कि सूर्य के दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने में बहुत लाभकारी होता है इसी वजह से 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मनाते हैं.

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