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कश्मीर के हिन्दुओ का नरसंहार करने वाले इस्लामिक आतंकी दल हिजबुल मुजाहिदीन के निशाने पर अब पूरे भारत के हिन्दू .. गणेश चतुर्थी पर निशाने पर था कानपुर

ये वही लोग थे जिन्होंने कश्मीर में 90 के दशक में हिन्दुओं का सामूहिक नरसंहार किया , उनकी बहन बेटियों की इज्ज़त का शीलहरण किया और फिर उसके बाद सेना द्वारा की गयी कार्यवाही में सेना तक को दोषी बना और बता कर भारत के तथाकथित बुद्धिजीवियों और स्वघोषित मानवाधिकार व् सेकुलरिज्म के ठेकेदारों के पीछे जा कर छिप गये .. इसके चलते आतंकियों से ज्यादा सैनिको को दोषी बनाने की एक मुहिम चल गयी और आये दिन किसी न किसी सैनिक या पुलिस के वीर पर वहां दर्ज होने लगे मुकदमे .. हैरानी की बात ये भी रही कि उन्हें फिर भी सत्ता से बेचारे और मासूम जैसे शब्द कहे जाते रहे .

अब उसी हिजबुल मुजाहिद्दीन के निशाने पर आ चुके हैं पूरे भारत के हिन्दू . पाकिस्तान में बैठे इस्लामिक आतंकी सैयद सलाहुद्दीन के इशारे पर चल रहा ये इस्लामिक आतंकी समूह देश के कई नागरिको और कई सैनिको की हत्या का दोषी है जिसका एक संदिग्ध आतंकी कमरुज्जमा को कानपुर से गिरफ्तार किया है। योगी आदित्यनाथ के शासन में आतंकियों के खिलाफ बेहद सक्रिय हो चुकी उत्तर प्रदेश एटीएस (एंटी टेररिजम स्क्वॉड) ने बुधवार की रात को पूरी प्लानिंग के साथ सटीक जानकारी पर अभेद्य जाल बिछाते हुए इस आतंकी को धर दबोचा जिसके निशाने पर अब पूरे भारत के हिन्दू थे .

इस आतंकी के निशाने पर गत गणेश चतुर्थी पर कानपुर के कलेक्टरगंज स्थित सिद्धि विनायक मंदिर उस समय था जब उसमे भक्तो की भारी भीड़ रहती और जानमाल की हानि ज्यादा होती लेकिन उस से पहले ही इसको पुलिस ने दबोच कर समाज को दी निर्भयता .. इस हमले को अंजाम देने के लिए उसने पूरी तैयारी भी कर ली थी। इसके लिए उसने मंदिर में कई बार रेकी भी की थी और मंदिर की पांच मिनट की वीडियो क्लिप भी बनाई थी। एटीएस की प्रारंभिक जांच में कमरुज्जमा ने स्वीकार किया है कि वह हिजबुल का आतंकी है, इन तमाम बातों की पुष्टि खुद DGP श्री विक्रम सिंह जी ने की है . फिलहाल इस मामले में अभी तक धर्मनिरपेक्षता के तमाम ठेकेदार खामोश हैं और धर्मनिरपेक्ष नेता लोग अपने उस बयान पर चट्टान की तरह कायम हैं कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता है .

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