मुस्लिम नेता ने खामोश किया बाबरी के पैरोकारों को… बाबरी को मस्जिद मानने से किया इंकार


देश में लोकसभा चुनावों को लेकर बढ़ती सियासी सरगर्मी के बीच एक बड़े मुस्लिम नेता के बयान से खलबली मच गई है. इस मुस्लिम के बयान ने उन सभी लोगों को खामोश कर दिया हैं जो अयोध्या में श्रीराम मंदिर के बजाय बाबरी की पैरोकारी करते हैं. आपको बता दें कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव महमूद मदनी ने बाबरी ढांचे को मस्जिद मानने से ही इन्कार कर दिया. महमूद मदनी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि किसी मंदिर को तोड़कर बनाई गई जगह इबादतगाह नहीं बन सकती.

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मदनी ने कहा है कि भगवान श्री रामचंद्र देश के बहुसंख्यक हिंदू धर्म के लोगों की आस्था के प्रतीक हैं. मुस्लिमों को भगवान श्रीराम के अनादर की इजाजत नहीं है. अहमदाबाद में एक कार्यक्रम में मदनी ने देश में राम मंदिर व बाबरी ढांचे को लेकर चल रहे विवाद पर बड़ी साफगाई के साथ कहा कि अगर किसी धार्मिक स्थल को तोड़कर अल्लाह की इबादतगाह बनाई गई तो उसे मस्जिद नहीं माना जा सकता.

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महमूद मदनी ने कहा जबरदस्ती किसी का घर या मंदिर छीनकर अल्लाह का घर नहीं बनाया जा सकता. उन्होंने कहा कि ये सत्य है कि अयोध्या श्रीरामचंद्र जी की जन्मभूमि है, हिंदू आस्था का बड़ा प्रतीक है. महमूद मदनी के इस बयान के बाद देश में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है. कथित सेक्यूलर नेताओं ने तो इस बयान के बाद महमूद मदनी पर हमला भी बोल दिया है तथा कहा है कि मदनी बीजेपी के हाथों खेलने की कोशिश कर रहे हैं.

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