हिन्दुओं के खिलाफ तमाम साजिशों और अत्याचारों से वाकिफ थे जज साहब… अब वो जा रहे भाजपा में

सभी को याद होगा कि 19 अप्रैल 2018 को मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में हैदराबाद की अदालत ने अपना फैसला सुनाया था तथा ब्लास्ट में आरोपी बनाये गये असीमानंद सहित सभी हिन्दुओं को बरी कर दिया था. मक्का मस्जिद केस में ये फैसला जज रविन्द्र रेड्डी की पीठ ने सुनाया था. खबर के मुताबिक़ जज रविन्द्र रेड्डी अब भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले हैं बस कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं. शायद जज साहब उन साजिश तथा षड्यंत्रों से पूरी तरह से वाकिफ थे जो हिन्दुओं के खिलाफ रची गयी थीं तथा उन्हें आतंकवादी साबित करने पर तुली थी.

मीडिया सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि उन्होंने भाजपा कार्यालय में जाकर पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय से मुलाक़ात भी की थी. इस ख़बर ने हैदराबाद शहर के राजनीतिक और न्यायिक हलकों में हलचल पैदा कर दी थी. पार्टी के सूत्रों की मानें तो जज रवींद्र रेड्डी औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल होने की योजना के साथ ही पार्टी कार्यालय पहुंचे थे. लेकिन पार्टी के नेताओं ने उन्हें कुछ समय इंतजार करने के लिए कह दिया. जज रविन्द्र रेड्डी के भाजपा से जुड़ने की खबरों पर तमाम लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. विपक्षी कांग्रेस का कहना है जिस तरह से जज रविन्द्र रेड्डी भाजपा से जुड़ रहे हैं, उससे साबित होता है कि उनका फैसला निष्पक्ष नहीं रहा होगा.

पूर्व जज रवींद्र रेड्डी का कहना  हैं कि मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में कोर्ट के फ़ैसले और उनके भाजपा में शामिल होने के फ़ैसले का आपस में कोई लेना-देना नहीं है. भाजपा में शामिल होने के अपने फ़ैसले का बचाव करते हुए रवींद्र रेड्डी ने कहा, “भाजपा एक देशभक्त पार्टी है जो परिवारवाद की संस्कृति से मुक्त है. भाजपा देश विरोधी तत्वों की जांच करने और राष्ट्रीय एकीकरण के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है.” उन्होंने कहा कि वो आगामी विधानसभा चुनाव में अपने गृह ज़िले क़रीमनगर से चुनाव लड़ना चाहते हैं. उन्होंने कहा, “मेरे राजनीति में आने के फ़ैसले से मेरे कोर्ट के फ़ैसले का कोई लेना-देना नहीं है. मैंने ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया और वही निर्णय दिया जो सच था. अब मैं देश और लोगों की सेवा के लिए रिटायरमेंट ले चुका हूं.”

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