Breaking News:

दुर्दांत आतंकी यासीन मलिक की गिरफ्तारी पर चीख उठी वो पार्टी जो इन चुनावों में मांग रही है भारत की सत्ता


दुर्दांत अलगाववादी आतंकी यासीन मलिक.. वो यासीन मलिक जो हिंदुस्तान में रहता है, हिंदुस्तान की जनता के टैक्स के पैसों पर पलता है.. तथा इसके बाद भी हिंदुस्तान के टुकड़े करना चाहता है, कश्मीर को भारत से अलग करना चाहता है. उस यासीन मलिक के समर्थन में वो राजनैतिक पार्टी उतर आई है जो खुद को भारत की आजादी का ठेकेदार बताती है तथा पीएम मोदी को हटाकर देश की सत्ता पर काबिज होना चाहती है.

नरेश अग्रवाल की आज़म और ओवैसी को चुनौती.. “बजरंग बली को बली ही रहने दो, अगर हम अली के नाम पर आये तो…”

ज्ञात हो कि कश्मीर के अलगाववादी आतंकी यासीन मलिक को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल में डालने जाने के बाद कांग्रेस पार्टी चीख उठी तथा यासीन मलिक के समर्थन में उतर आई.  यासीन मलिक की गिरफ्तारी पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीसी चाको दर्द फूट पड़ा. कांग्रेस नेता ने यासीन मलिक को तिहाड़ जेल भेजे जाने को बंदूक की नोंक पर की गई गिरफ्तारी करार देते हुए इसे गलत बताया तथा कहा केंद्र सरकार बन्दूक की नोंक पर यासीन की गिरफ्तारी नहीं कर सकती.

कभी कहा था मायावती ने- “पूरा यादव खानदान गिरेगा मेरे पैरों में”.. फिलहाल डिम्पल यादव ने छुए थे पैर

यासीनन मलिक को लेकर कांग्रेस नेता पीसी चाको ने कहा कि यासीन मलिक ने जो साहस दिखाया है, उसकी तारीफ होनी चाहिए. पीसी चाको ने कहा कि केंद्र सरकार यासीन मलिक को बंदूक की नोक पर सरेंडर करने के लिए कैसे कह सकती है. मलिक ने जिस साहस का परिचय दिया है उसकी सबको सराहना करनी चाहिए. नई दिल्ली किसी को डरा नहीं सकता. भारत एक लोकतांत्रिक देश है.

साध्वी प्रज्ञा को काला झंडा दिखाने वाला पिटा तो सवाल उठाया था कांग्रेस ने.. अब प्रियंका गांधी के रोड शो में जो हुआ वो क्या है ?

बता दें कि केंद्र सरकार ने यासीन मलिक को जमीन सुंघा दी है तथा वह सलाखों के पीछे है. दिल्ली की एक अदालत ने जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों और आतंकी समूहों के वित्त पोषण संबंधी एक मामले में गिरफ्तार किए गए जेकेएलएफ प्रमुख यासिन मलिक को 24 अप्रैल को 24 मई तक के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. उसपर कई आपराधिक धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं. 1989 में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबैया सईद का अपहरण और 1990 में भारतीय वायु सेना के चार जवानों की हत्या के मामले इसमें प्रमुख हैं.

आखिरकार अभिनंदन की जांबाजी पर फुफकार उठा PFI का मददगार जिन्ना भक्त हामिद अंसारी.. चुनावों में घोल गया कट्टरपंथी जहर

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने व हमें मज़बूत करने के लिए आर्थिक सहयोग करें।

Paytm – 9540115511


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share