हिंदू एकता बचाने के लिए सामने आए संत. अखाड़ा परिषद का ऐलान सुनकर खुशी से झूम उठेंगे दलित भाई…

पहले नागा साधु और संत केवल स्वर्ण जाती के लोग ही बनते थे पर अब नागा संत और साधुओं की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (एबीएपी) ने दलितों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। एबीएपी ने फरमान जारी करते हुए कहा है कि दलितों को नागा साधु बनने का मौका दिया जाएगा। 2019 के अर्ध कुंभ में एबीएपी का ये फरमान जारी रहेगा। पहली बार दलितों को नागा संत और साधु बनने की अनुमति दी रही है। इस कदम को बीजेपी के वोट बैंक से जोड़ कर देखा जा रहा है। 
ऐसा इसलिए क्योंकि दलितों में ये भावना बढ़ेगी कि भाजपा राज में उन्हें भी बराबरी के अधिकार दिए जा रहे हैं। दरअसल, 2019 में लोकसभा चुनाव है और नागा साधु बनाए जाने के ऐलान से दलितों में बीजेपी का वोट बैंक मजबूत हो सकता है। एबीएपी के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने इसका ऐलान किया है, जिन्होंने बताया कि 2019 के अर्ध कुंभ में दलितों को नागा साधु बनाने पर काम किया जाएगा। नरेंद्र गिरी का कहना है कि उनके सभी अखाड़े इस ऐतिहासिक कदम के लिए राजी हो गए हैं। इसा कदम से  समाज में स्वर्ण और दलितों के समानता का सन्देश जाएगा।
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