तीन तलाक के खिलाफ उठी हर आवाज पर अब गिर रहा मजहबी कहर… एक और हमला तेज़ाब से

आखिर वह कौन सी सोच है जिसके महिलायें सिर्फ एक मनोरंजन का साधन हैं, भोग की वस्तु हैं? वह कौन सी सोच है जो ये सोचती है कि महिलायें तो सिर्फ उसकी हवस मिटाने का साधन होती हैं? वह कौन सी सोच है जो महिलाओं को दोयम दर्जे का मानती है तथा अगर महिला अपना हक़ मांगने के लिए खड़ी हो जाए, अपने साथ हो रहे अन्याय-अत्याचार के खिलाफ खड़ी हो जाएँ तो इसमें वह अपना अपमान समझती है? सवाल उठता है कि क्या महिलाओं को न्याय मांगने का भी हक़ नहीं है?

इसी जाहिल आदमियत वाली सोच का शिकार तीन तलाक के खिलाफ संघर्ष करने वाली महिला समीना हुई है, जिसके उपर तेज़ाब से इसलिए हमला किया गया क्योंकि वह तीन तलाक के खिलाफ है. मजहबी कट्टरपंथी हर उस आवाज को कुचलना चाहते हैं जो तीन तलाक के खिलाफ है. कुछ मजहबी कट्टरपंथी को तीन तलाक को अपराध बताने वाले सुप्रीम कोर्ट तथा केंद्र सरकार के खिलाफ भी तनकर खड़े हो गये हैं. खबर के मुताबिक़, सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक के खिलाफ याचिका दायर करने वाली समाजसेवी डा. समीना पर रविवार को दो युवकों ने तेजाब फेंक दिया.  उन्हें झुलसी अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है.

दिल्ली में रह रही डा. समीना तीन तलाक व हलाला के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाली मुख्य याचिकाकर्ता है. वह समाज की पीड़ित महिलाओं की लड़ाई भी लड़ रही है. 17 अक्टूबर से वह बुलंदशहर से दिल्ली तक पद यात्रा करने जा रही है, जिसकी तैयारियों के सिलसिले में वे इन दिनों बुलंदशहर आई हुई है. जिला अस्पताल में इलाज करा रही डा. समीना ने बताया कि रविवार सुबह करीब 11 बजे वह गांधी बाल निकेतन स्कूल की पिछली गली से निकलकर जा रहीं थी. इसी दौरान बाइक सवार दो लोगों ने उनपर तेजाब डाल दिया जो उनके पैर पर गिरा. सूचना पर नगर कोतवाली पुलिस पहुंची और डा. समीना द्वारा बताए गए घटनास्थल का मौका मुआयना किया। वहां लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद  पुलिस दो लोगों को पूछताछ कर रही है.

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