अज़ान हुई तो रुकवा दिया भाषण और बोले- “ये शिक्षा हमें बाला साहेब ठाकरे से मिली है”. ये शब्द आदित्य ठाकरे के हैं जिन्हें ओवैसी की पार्टी से मिल रही शाबाशी

अचानक ही तमाम समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं . ये वही शिवसेना है जो हिन्दू हृदय सम्राट बाला साहब ठाकरे ने एक नई ऊंचाई पर पहुचाई थी .. सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं उसी भगवा राजनीति के चलते ही पूरे भारत में इसका एक अलग सम्मान है पर पिछले कुछ समय से पहले उद्धव ठाकरे ने और बाद में आदित्य ठाकरे ने ऐसे संकेत दिए हैं कि कहीं न कहीं कुछ न कुछ बदलाव हो रहा है और वो बदलाव अमूलचूल परिवर्तन की दिशा में जा रहा है .

ज्ञात हो कि वर्तमान समय में शिवसेना की युवा सेना के प्रमुख और शिव सेना के नेता आदित्य ठाकरे बन गये हैं तमाम सेकुलर समाज के चहेते क्योकि उन्होंने एक कार्य कर के बुद्धिजीवी वर्ग का दिल जीत लिया है . ज्ञात हो कि आदित्य ठाकरे गत रविवार को उस औरंगाबाद में शहरी बस ट्रांसपोर्ट सुविधा का उद्घाटन करने पहुंचे थे जिसको उनकी ही पार्टी में तमाम लोग संभाजीनगर के नाम से बुलाया करते हैं . यहाँ पर आदित्य ठाकरे ने वहां के नगर निगम के मेयर नंदकुमार घोडेले के भाषण को बीच में रुकवा दिया क्योकि उसी के पास की मस्जिद के लाऊडस्पीकर में अज़ान की आवाज शुरू हो गयी .

मेयर को भाषण रोकने के लिए कहने के बाद उन्होंने आगे कहा कि ऐसा करके उन्होंने अपने दादा बालासाहेब ठाकरे के संस्कार दिखा दिए.. आगे उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना दादा बालासाहेब ठाकरे से सीखा है कि हमें अजान के वक्त अपना भाषण नहीं देना चाहिए और इस कारण मैंने आज मेयर का भाषण भी बीच में रोका.’ मौके पर मौजूद अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के सदस्य सैयद इम्तियाज जेलेल ने आदित्य ठाकरे के इस कदम की सराहना की.

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