अब जो भी देश हमसे कारगिल जैसी लड़ाई लडेगा, वो उस देश का अंतिम युद्ध होगा – वायुसेना प्रमुख

इस बयान को सुन कर पूरे देश में एक रोमांच जैसा दौड़ गया है . ये भारत की उस शक्ति का दुनिया को एहसास करवाने जैसा था जो अब खुद संसार मान रहा है .. कारगिल युद्ध की वर्षगाँठ थी ये जिसमे भारत की वायुसेना के प्रमुख ने भारत के दुश्मनों को सीधी चेतावनी देते हुए उनको उनकी औकात और दुनिया को भारत की क्षमता बताई .. करगिल युद्ध की 20वीं बरसी पर भारतीय वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने कहा है कि अगर करगिल जैसी घटना दोबारा होती है तो हम उसका सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

धनोआ ने कहा, ‘हर अच्छे जनरल की तरह, हम अंतिम युद्ध लड़ने के लिए तैयार हैं। अगर कारगिल दोबारा होता है, तो हम उसका सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।’धनोआ ने 1999 में अभियान की सीमाओं तथा संघर्ष के दौरान मुश्किलों से निपटने के लिए वायुसेना द्वारा अपनाए गए नए तौर-तरीकों के बारे में बात की।उन्होंने कहा कि करगिल युद्ध के बाद हुए घटनाक्रमों ने वायुसेना की क्षमता को बदल दिया है जिससे वह किसी भी तरह के हवाई खतरे से निपट सकती है।

वायुसेना प्रमुख ने कहा, ”भारतीय वायुसेना किसी भी तरह का युद्ध लड़ने को तैयार है, चाहे यह पूर्ण युद्ध हो, या करगिल जैसा संघर्ष हो, या फिर किसी आतंकी हमले का जवाब हो। वायुसेना प्रमुख ने कहा, ‘अगर जरूरत पड़ती है तो हर मौसम में बमबारी कर सकते हैं, यहां तक कि बादलों के होने पर भी हम सटीक निशाने पर बम गिरा सकते हैं। 26 फरवरी को हुई बालाकोट एयर स्ट्राइक यह दिखाती है कि हम बड़ी दूरी से भी सटीक प्रहार करने में सक्षम हैं।’

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