जो चाह रहा था राष्ट्र, वो शुरू हुआ रामपुर में.. 6 साल की बच्ची के हत्यारे नाज़िल को लगीं पुलिस की 3 गोलियां.. पूरा UP बोला- “अजय तुम्हारी जय हो”

यकीनन ये जय जयकार उस जनता की तरफ से उठना स्वाभाविक था जो हर दिन अपने हाथों से मासूम बेटियों के शव का अंतिम संस्कार कर रहे थे.. या उस जनता के द्वारा भी जो सैकड़ो किलोमीटर दूर बैठ कर आक्रोशित हो कर केवल आंखों में कभी आंसू तो कभी अंगार भर कर नन्ही मासूमो के खिलाफ कभी हत्या तो कभी बलात्कार के आरोपियों के खिलाफ मौत से कम सज़ा ही नही मांगते थे.. अचानक ही उन आंसू और आक्रोश भरी आंखों में एक चमक उठ गई है और रामपुर से आई एक खबर ने उन्हें शांति दी एक आशा के साथ कि बच्चियों के अपराधियों के खिलाफ कम से कम उत्तर प्रदेश की पुलिस ऐसे रूप में आ रही है जो बेहद जरूरी था..

ये साख न सिर्फ उत्तर प्रदेश पुलिस की रखनी थी बल्कि इसमें इज्जत दांव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कुछ राज्यो को छोड़ कर लगभग पूरे भारत में शासन कर रही भाजपा की भी थी.. बहुत विश्वास के साथ रामपुर पुलिस की कमान अजय पाल शर्मा के हाथों में सौंपने वाले योगी आदित्यनाथ को अब उस विश्वास के प्रतिफल मिलने लगे हैं जब रामपुर पुलिस ने वो कार्य किया जो जन जन की जुबान पर था..बच्ची के हत्यारे नाज़िल ने रामपुर पुलिस के जांबाज़ों पर जरा से भी दया दिखाई होगी इसमे शक है और उसने जैसे ही पुलिस पर गोलियां बरसाईं वैसे ही उधर से जवाब गोली ही आई और 3 गोलियां उसके शरीर मे धंस कर सुकून दीं होगी उस मासूम की आत्मा को जिसको बेरहमी से मार कर नाज़िल ने ये साबित किया था कि वो इंसान के वेश में छिपा एक दरिंदा है जो सभ्य समाज के लिए खतरा है..

यह बच्ची 6 मई को गायब हो गई थी और अब उसका शव बरामद हुआ.शनिवार को पुलिस ने बच्ची का शव बरामद किया.  रामपुर के कप्तान एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अजय पाल शर्मा ने नाजिल का एनकाउंटर किया. इसमें नाजिल घायल हो गया है.. बुरी तरह घायल नाज़िल का इलाज भारत के विधि द्वारा बनाये नियम कानून के तहत पुलिस अपनी अभिरक्षा में करवा रही है.. जो रामपुर तक नाज़िल की दरिंंदगी से सहमा था, आज वही रामपुुुर अजय पाल शर्मा व उनके नेेतृत्व में कार्यरत पुुुलिस बल के पराक्रम    का मुरीद है..

 

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