नमाज शब्द आते ही आग बबूला हुए अखिलेश यादव… योगी से पूछा नमाज़ का नाम क्यों लिया?

सड़को पर मुस्लिम मनाते हैं अपने सभी त्यौहार तो हिन्दुओ के त्योहारों पर ही रोक टोक क्यों इस बात को समझते हुए और सभी पक्षों को एक साथ देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मज़हब को अपने त्यौहार मनाने की आज़ादी लेकिन कानून को मानते हुए मनाने की बात कही थी। तो इसपर भी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुस्लिम राजनीती करने से नहीं चुके और योगी सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया। 

योगी आदित्यनाथ के जन्माष्टमी पर दिए गए बयान पर बड़बोले अखिलेश यादव कहाँ चुप रहने वाले थे. अखिलेश ने आदित्यनाथ के बयान पर सवाल उठाते हुए बोले कि सड़क पर तो शादी, ब्याह के उत्सव भी मनाए जाते हैं तो फिर मुस्लिमों की तरफ से नमाज़ पढ़ने के विषय पर ही सरकार की नज़र क्यों है?’ बता दे मुख्यमंत्री योगी ने जन्माष्टमी पर दिए हुए बयान में कहा था कि “अगर ईद को सड़क पर नमाज पढ़ी जा सकती है तो कांवड़ यात्रा में माइक, डीजे पर रोक लगाकर इसे क्यों शवयात्रा बनाने चाहते हैं”।
उन्होंने आगे कहा कि “सड़क पर नमाज पढ़ी जानी चाहिए लेकिन कानून के तहत”। योगी ने और त्योहारों की तरह ईद पर भी कानून का पालन करने की बात कही तो अखिलेश यादव का खून खौल गया. खून खोलने की वजह त्योहारों पर कानून लागू करना हैं या फिर ईद पर कानून लागू करना हैं यह बात तो अखिलेश के बयान से साफ़ हो ही गयी हैं।       
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