नक्सलियों को आगे कर झारखंड में बन चुका था अल कायदा का पूरा नेटवर्क. शुरू ही होने वाली थी तबाही यहाँ भी सामने आ रहा एक मदरसा

एक तरफ नक्सलियों का ताबड़तोड़ प्रचार कर के आतंक की सोच और मकसद को भटकाया गया और उधर दूसरी तरफ उस हंगामे के बहाने इस्लामिक आतंक की जड़ें पूरी तरह से जमानी शुरू हो गयी थी झारखंड में . संसार में सबसे खतरनाक आतंकी संगठन माना जाने वाला अल कायदा अपनी जड़ें झारखंड में भी जमाना शुरू कर चुका था , वो भी इतनी खामोशी से जिसका किसी को पता भी नही चलता और तबाही मच चुकी होती ..पुलिस व् ख़ुफ़िया एजेंसियों की सतर्कता ने ऐसा भीषण रक्तपात बचा लिया है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी और अपने ही देश में खून बहा रहे नक्सलियों को भी उसकी चपेट में ले लेता ..

ज्ञात हो कि इंडियन सब कॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) अपना झारखंड मोड्यूल तैयार कर रहा था। इस आतंकी पौध को लगा कर सीचने , फलने फूलने के लिए अब्दुल रहमान कटकी को प्रमुख बनाया गया था । इस इस्लामिक आतंकी कटकी ने न सिर्फ जमशेदपुर बल्कि लोहरदगा, रांची, चतरा का भी दौरा किया था और लोगों को जेहाद व् भारत के खिलाफ नफरत फैलाने और भरा में शरिया क़ानून के प्रति प्रेरित करने की कोशिश की थी। आतंकी दल अल कायदा की जो 17 सदस्यीय कोर टीम बनी थी, उसमें जमशेदपुर के तीन सहित झारखंड के चार आतंकी शामिल हो चुके थे जिन्होंने भारत के खिलाफ जंग छेड़ने और यहाँ इस्लामिक शासन लाने की शपथ ले ली थी ..पुलिस और ख़ुफ़िया एजेंसियों की अथक मेहनत से इनमें दो की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दो अन्य फरार हैं।

कुछ दिन पहले वीजा उल्लंघन के बाद सऊदी अरब से निकाले गए व बाद में गिरफ्तार कर लिया गया इस्लामिक आतंकी  जीशान अल कायदा के एक्यूआईएस विंग में से एक है। एक साल पहले जमशेदपुर के मो. सामी को दिल्ली की स्पेशल सेल ने हरियाणा के मेवात से गिरफ्तार किया था। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की पहुच से फरार चल रहे दो आतंकियों में से एक अर्शियान है जो जीशान का भाई है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और झारखंड एटीएस मानती है कि वह सीरिया में आईएसआईएस की गतिविधियों में संलग्न है। वह आतंकी  जमशेदपुर से पिछले छह वर्षों से लापता है।
इस आतंकी घटक के प्रमुख लोग  झारखंड जमशेदपुर निवासी जीशान अली, डॉ. सबील अहमद सैयद मो. अर्शियान,  मो. सामी इसके अलावा चतरा का अबु सुफियान व् कटकी अब्दुल रहमान आदि हैं जिसमे से सूफियान फरार घोषित है ..  सुफियान के अलकायदा के प्रशिक्षण शिविर में जाने के बाद पता नहीं चला। इसके अलावा डॉ. सबील और अब्दुल रहमान कटकी का जमशेदपुर से सीधा जुड़ाव रहा है। यानी एसक्यूआईएस की कोर टीम में छह ऐसे हैं, जिनका सीधा संपर्क झारखंड और जमशेदपुर से है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मो. आसिफ, जफर मसूद, मो. अब्दुल रहमान कटकी, सैयद अंजार शाह और अब्दुल सामी की गिरफ्तारी के बाद 10 जून 2016 को जो आरोप पत्र दाखिल किया था, उसमें जीशान अली के अलावा अर्शियान, अबु सुफियान, सबील अहमद, सैयद अख्तर, सनाउल हक, मो. रेहान, उस्मान, शाहिद फैसल, फरहतुल्लाह गौरी, मो. सर्जील अख्तर और मो. उमर का भी नाम था। 
झारखंड में एक्यूआईएस मोड्यूल के बारे मे जांच एजेंसियां बताती है कि यहां रिक्रूटमेंट सेल स्थापित किया गया था। इसका काम जेहादी बातों को बताकर युवाओं को संगठन से जोड़ना था। इसके लिए अब्दुल रहमान कटकी जो ओडिशा के कटक स्थित जगदलपुर मे मदरसा चलाता था। उस मदरसे में युवाओं को लेकर जेहादी बातें बताकर उन्हें प्रेरित करता था। ज्ञात हो कि ये सभी आतंकी संसार के क्रूरतम आतंकी ओसामा बिन लादेन को अपना आदर्श मानते थे और उसी की राह पर चलने के लिए कसम खाते थे . 

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