जिस अमरनाथ मुद्दे पर रो रहा है पूरा देश, उस गंभीर मुद्दे का मजाक उड़ा रहे है आम आदमी पार्टी वाले. देखिए नीचता की पराकाष्ठा का प्रमाण

ये भारत है, यहां लोग आतंकवादी हमले पर साथ खड़े होकर एकता की मिसाल नहीं देते। यहां आतंकवादी हमले पर सुविधा अनुसार, राजनीति का गन्दा खेल खेला जाता है। बता दें कि अमरनाथ यात्रा पर गयी एक बस पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया जिसमे 7 लोगों की मौत हो गयी और 19 से ज्यादा लोग घायल हो गए। फौज ने बदले में करवाई करते हुए तीन आतंवादियो को ढेर भी कर दिया और घाटी में सर्च आपरेशन भी चालू कर रखा है। नेताओं की गन्दी नियत का अंदाजा इसी से लगाया सकता है। 
जहां देश के साथ खड़ा होना चाहिए वहीं उनके खिलाफ बयानबाजी करते नहीं थम रहे हैं। अक्सर विवादों में रहने वाले आप पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह ने अमरनाथ यात्रा के आतंकवादी हमले पर विवादित ट्वीट किया “गलती यात्रियों की थी या सुरक्षा व्यवस्था की, सवाल यह है कि इतनी सुरक्षा के बाद यह सब कैसे हुआ, या गलती आने वाले विधानसभा चुनाव की है। उन्होंने आगे लिखा कि “2002 गुजरात दंगा, चुनाव के पहले था। अक्षरधाम मंदिर पर आतंकवादी हमला 2002 में चुनाव से पहले हुआ। लगता है गुजरात में चुनाव नजदीक है।” 
दंगो पर घिनोनी बयानबाजी करने में अगला ट्वीट अपने विवादित बयानों के लिए पार्टी के प्रवक्ता पद से निकाला झेल चुकी अलका लांबा ने भी अमरनाथ यात्रियों के आतंकी हमले को मोदी सरकार की साजिश करार दिया। अलका ने ट्विटर पर लिखा “साजिश गहरी है, बस गुजरात की है, यात्री और मारे जाने वाले सभी गुजरात के हैं, जत्थे से बस अलग हुई, क्यों अलग हुई, कारण के पीछे छिपी है हमले की सच्चाई।” 
दोनों ने अपने ट्वीट सोशल मीडिया से तब डिलीट कर दिए जब बात आगे बढ़ गयी और लोगों का गुस्सा झेलना पड़ा। सोशल मीडिया के लोग नेताओं से दो कदम आगे निकले और दोनों के ट्वीट का स्क्रीन शॉट ले लिया जब तक की वो ट्वीट डिलीट कर पाते। मीडिया ने जब इस मामले पर प्रतिक्रिया पूछा तो दोनों ने कोई भी प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया। 
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