सिर्फ सुदर्शन न्यूज़ ने लगातार उठाई थी पीड़ा.. अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा- “फिल्मों ने बिगाड़ी पुलिस की छबि, जरूरी है पुलिस रिफार्म”

वो सिर्फ सुदर्शन ही था जो सीमा पर देश की रक्षा करने वाले सेना के जवानों के साथ पुलिस के उन जवानों के हक़ में भी हमेशा से खड़ा रहा, जिन पुलिस के जवानों को कभी मीडिया तो कभी कथित मानवाधिकारियों ने अपने निशाने पर रखा. ये जानने के बाद भी कि जिस तरह सीमा पर बाहरी दुश्मनों से सेना के जवान देश की रक्षा करते हैं, ठीक उसी तरह देश के अंदर के दुश्मनों से पुलिस के जवान हमारी रक्षा करते हैं. और ये सिर्फ बातें ही नहीं हैं बल्कि इसके लिए समय-समय पर पुलिस के जवानों ने कर्तव्य पथ का निर्वहन करते हुए अपने प्राणों का बलिदान भी दिया है.

लेकिन इस बात का है कि इसके बाद भी किसी ने पुलिस के जवानों की पीड़ा को समझने का प्रयास नहीं किया बल्कि इसके बदले में पुलिस की छबि को नकारात्मक बनाने में दिन रात एक कर दिया. लेकिन सुदर्शन हमेशा से पुलिस के जवानों के न सिर्फ पक्ष में खडा रहा बल्कि पुलिस के जवानों की सहूलियत के लिए सुदर्शन ने सत्ता से सवाल भी किये. पुलिस के जवान आज भी  सन 1861 के कानून पर ही नौकरी कर रहे हैं, जिसमें बदलाव के लिए सुदर्शन ने मुहिम भी चलाई है. इसके साथ ही सुदर्शन ने एक साजिश के तहत बिगाड़ी गई पुलिस की  छबि के वास्तविक सकारात्मक रूप को जनता के सामने रखी.

अब आख़िरकार सुदर्शन द्वारा सच्चे जनसेवक पुलिस के जवानों के हक में उठाई आवाज सत्ता के कानों तक पहुँच चुकी है. खबर के मुताबिक़, केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पुलिस की नकारात्मक छबि को लेकर बड़ा बयान दिया है.  सोमवार को 2018 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि छवि निर्माण एक-दो दिन में नहीं होता बल्कि एक लंबा अंतराल चाहिए. पुलिस की नकारात्मक छवि बनाने में साहित्य, अखबार और फिल्मों का योगदान ज्यादा है.

गृहमंत्री शाह ने कहा कि साहित्य तथा फिल्मों ने पुलिस की छबि बिगाड़ी है, इसे हम अच्छी तरह से जानते हैं, इसलिए पुलिस की इस छबि को बदलना होगा. अपने संबोधन में गृहमंत्री शाह ने कहा कि नए भारत के निर्माण के लिए समाज से पुलिस का भय निकालना होगा और उनमें यह विश्वास जगाना होगा कि पुलिस उनकी सलामती के लिए है. अमित शाह ने कहा कि ईश्वर ने आपको देश सेवा का बहुत बड़ा मौका दिया है. इसलिए जिम्मेदारी से काम करना होगा. आपका यह प्रयास होना चाहिए कि संवेदनशील होकर ड्यूटी करें, जिसमें कई तरह की चुनौतियां आएंगी पर सफलता के लिए अडिग रहना जरूरी है. शाह का कहना था कि यह सेवा स्वयं के या परिवार के लिए न होकर देश के लिए होनी चाहिए.

अमित शाह ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था देश की रीढ़ की हड्डी है, जिसके बिना विकास संभव नहीं है. उनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश को 5 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने में कानून व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है. गृहमंत्री का कहना था कि छवि निर्माण एक-दो दिन में नहीं होता बल्कि एक लंबा अंतराल चाहिए. पुलिस की नकारात्मक छवि बनाने में साहित्य, अखबार और फिल्मों का योगदान ज्यादा है. अमित शाह का कहना था कि एक समान सोच, दिशा, गति तथा मुक्त चिंतन से छवि सुधारने का काम किया जा सकता है.

अमित शाह ने पुलिस रिफॉर्म पर कहा कि कानून व्यवस्था राज्य का विषय होता है और केंद्र सरकार सलाहकार की भूमिका में होती है. उन्होंने यह भी कहा कि नीचे से नीचे का कर्मचारी भी पुलिस महकमे का महत्वपूर्ण हिस्सा है और कॉस्टेबल के भी अनुभव का लाभ लिया जाना चाहिए. गृह मंत्री का कहना था कि किसी भी व्यवस्था को प्रभावी तथा तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की लगातार आवश्यकता होती है, लेकिन पुलिस व्यवस्था में पुरानी परंपराओं को छोड़कर सफलतापूर्वक कार्य नहीं किया जा सकता है, इसलिए विस्तार से पुरानी परंपराएं जानकर उन्हें भी पुनर्जीवित करें.

बता दें कि गृहमंत्री शाह इससे पहले भी पुलिस विभाग में ऐसे सुधारों की बात कह चुके हैं, जो पुलिस के जवानों के लिए परेशानी का कारण थे लेकिन की भी सत्ता पुलिस की इस पीड़ा को समझने की कोशिश ही नहीं कर रहे थे..

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