“निश्चिंत रहें देशवासी, 2024 से पहले एक एक घुसपैठिया होगा भारत से बाहर”- गृहमंत्री अमित शाह

इनका बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योकि इनकी छवि “जो कहते हैं वो करते हैं” वाली मानी जाती है . देश की बहुसंख्यक आबादी चाहती है की राष्ट्र पर बोझ बन चुके रोहिंग्या और बंगलादेशी जल्द से जल्द बाहर हों क्योंकि उनके चलते न सिर्फ तेजी से जनसंख्या अंसतुलन बढ़ रहा है बल्कि तमाम अपराधो में भी उनकी संलिप्तता सामने आई है.. केन्द्रीय गृहमंत्री ने आज जो अल्टीमेटम दिया है उस से घुसपैठियों में हलचल मचने के साथ राष्ट्रवादियो में ख़ुशी की लहर है .

विदित हो की घुसपैठियों को देश से निकाले जाने की समय सीमा को निर्धारित करते हुए आखिरकार अमित शाह ने उनकी लक्ष्मण रेखा तय ही कर दी है .. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि घुसपैठियों को देश से निकाल बाहर किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लागू किया जाएगा.. अमित शाह ने इशारे में कहा की उन्हें घुसपैठियों को बाहर खदेड़ने के लिएय अगले चुनावों का इंतजार नहीं करना है और उस से पहले ही ये कार्य खत्म होगा .

उनके अनुसार अगले लोकसभा चुनावों में वोट मांगने के लिए आने से पहले मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि भाजपा की सरकार सुनिश्चित करेगी कि हर घुसपैठिये को देश से निकाल बाहर किया जाए।” उन्होंने कहा, ‘अपने देश में अवैध रूप से रह रहे हर किसी को हम बाहर निकाल देंगे. अमित शाह के अनुसार कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि अगर अनुच्छेद 370 के प्रावधान निरस्त करने का फैसला लिया गया तो घाटी में खून की नदियां बहेंगी और संसद में इसके खिलाफ मतदान किया, लेकिन खून की एक भी बूंद नहीं गिरी।


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