Breaking News:

केजरीवाल के लिए अन्ना हजारे का वही बयान जो केजरीवाल दूसरों के लिए दिया करते हैं

अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन को कैप्चर करके अरविंद केजरीवाल जब दिल्ली की सत्ता पर काबिज हुए टन सिर्फ दिल्ली बल्कि देशभर को उनसे काफी उम्मीदें थे लेकिन केजरीवाल ने राजनीति के निम्न से भी निम्नतम स्तर को छूने की कोशिश की तथा जनाकांक्षाओं को पूरी तरह से कुचल दिया. केजरीवाल की राजनीति पर अब अन्ना हजारे ने पहली बार बयान दिया है तथा उन पर निशाना साधा है. अन्ना हजारे ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल अब सत्ता और पैसे में लिप्त हो गया है.

मुख्य न्यायाधीश पर यौन शोषण के आरोप के बीच आया प्रशांत भूषण का नाम.. वही भूषण जो कर रहे हैं रोहिंग्याओं की पैरोकारी

अन्ना हजारे ने कहा, अरविंद मुझे देश के लिए उज्ज्वल भविष्य की राह पर चलने वाला इंसान दिखाई देता था लेकिन मेरा सपना ही टूट गया. देश बदलने का मौका था जो चला गया. अन्ना हजारे ने कहा, ‘जिस कांग्रेस के खिलाफ 2009 से 2011 तक बढ़ते हुए भ्रष्टाचार को लेकर जन आंदोलन खड़ा किया था और उसका नेतृत्व अरविंद ने भी किया था. आज उसी भ्रष्टाचारी कांग्रेस के साथ गठबंधन की बात कर रहे हैं अरविंद, इसलिए दुखी हूं. अन्ना हजारे ने कहा कि उन्हें बड़ी आशा थी कि अरविंद की पार्टी सत्ता में आई है तो देश में एक मिसाल कायम की जाएगी.

एक चायवाला प्रधानमंत्री बना था, अब दूसरा चायवाला बना मेयर.. जानिये संघर्ष की एक और जीवंत कथा

अन्ना ने कहा कि ऐसा लग रहा था कि देश बदल जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सत्ता में आने के बाद क्या पता क्या हो जाता है. मैंने जो आंदोलन किया था वो समाज की भलाई के लिए था. मैंने कुर्सी के लिए आंदोलन नहीं किया था. अन्ना ने कहा कि अब अरविंद ने समाज और देश को छोड़ दिया है और गठबंधन में लग गया है. आजादी के नाम पर राजनीतिक पक्ष खुद की मनमानी करते हैं, भ्रष्टाचार करते हैं. उनमें बदलाव आना चाहिए इसलिए आंदोलन किया था. ऐसे में अरविंद केजरीवाल आशा की किरण लग रहे थे मुझे. मुझे बताया था कि राजनीति में जाने के बाद पक्ष बनाऊंगा, बंगला नहीं लूंगा, गाड़ी नहीं लूंगा. आज देखो बंगला भी लिया और तनख्वाह सब पार्टी से ज्यादा ले लिया.

2 मई – 1908 में आज ही राष्ट्र ने झेली थी कुछ जयचंदों की गद्दारी वरना राष्ट्र पहले ही हो गया होता स्वतन्त्र

अन्ना हजारे ने कहा कि आम आदमी पार्टी को किसी के भी साथ नहीं जाना था. आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के विरोध में आंदोलन किया, आरोप लगाया, दोष दिया और उन्हीं के साथ हाथ मिलाना कहां तक सही है. ये कैसी राजनीति है. मेरे सपने मिट्टी में मिल गए. आम आदमी पार्टी और अन्य पार्टी में क्या फर्क रहा अब. देश के लिए जिन्होंने बलिदान दिया है, उन्हें अरविंद भूल गए. अरविंद अब सत्ता और पैसे में लिप्त हो गए हैं और किसी के भी साथ हाथ मिला रहे हैं. बीजेपी के बारे में अन्ना हजारे ने कहा, बीजेपी सरकार ने जो वादे मुझसे किए, उनमें सारे वादे तो पूरे नहीं किए लेकिन लोकपाल नियुक्ति, लोकायुक्त पर सकारात्मक कदम उठाए हैं.

जिन केन्द्रीय बलों से सबसे ज्यादा समस्या थी ममता बनर्जी को, उन्हीं के हवाले हुए पश्चिम बंगाल

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने व हमें मज़बूत करने के लिए आर्थिक सहयोग करें।

Paytm – 9540115511

Share This Post