सुदर्शन की आवाज के बाद देश में छिपे गद्दारों पर गिरनी शुरू हुई गाज. एक और संगठन हुआ बैन जिसके नाम में है “इस्लामी’

शायद अब से इसके साथ भी ये जोड़ दिया जाय कि इनका भी कोई धर्म नहीं . अब तक इस समूह के नाम में इस्लामी था और इसके साथ एक ख़ास वर्ग के लोग भी जुड़े थे लेकिन अचानक ही अब ये कहा जाने लगा जाएगा कि इसका भी कोई धर्म नहीं , वो भी सरकार के एक ही आदेश के बाद . फिलहाल ये कहना गलत नहीं होगा कि देश के अन्दर छिपे गद्दारों पर वार शुरू हो चुका है . अब बैन हुए संगठन के सदस्य हिंसा कर सकते हैं, इस अंदेशे के चलते ये कार्रवाई की गई थी। इसके बाद से ही ऐसा माना जा रहा था कि इस संगठन पर सरकार कोई बड़ी कार्रवाई कर सकती है।

विदित हो कि भारत का ही खा कर भारत पर ही फुफकार रहे नागो के फनो को कुचलने के लिए मोदी सरकार द्वारा कमर कस ली गयी है . सुदर्शन न्यूज ने लगातार तमाम कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार से आह्वान किया था कि देश की सीमओं के बाहर बैठे दुश्मनों के साथ साथ देश में छिपे गद्दारों पर भी कार्यवाही हो . और आख़िरकार सुदर्शन न्यूज की वो आवाज सरकार तक पहुच गई .. इसी क्रम में अब एक और समूह मोदी सरकार ने बैन किया है .

ध्यान देने योग्य है कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के संगठन जमात-ए-इस्लामी को बैन कर दिया है। जमात ए इस्लामी के आतंकी संगठनों से लिंक को लेकर ये प्रतिबंध लगाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपने एक आदेश में जमात-ए-इस्लामी को गैरकानूनी संगठन बताते हुए उस पर बैन का ऐलान किया है। नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा के मुद्दे पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद गुरुवार को गृह मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी की।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि जमात-ए-इस्लामी, जम्मू कश्मीर के आतंकी संगठनों के साथ नजदीकी संबंध हैं। यह संगठन जम्मू-कश्मीर के अतिरिक्त दूसरी जगहों पर भी आतंकियों की मदद करती रही है। ऐसे में इसे बैन किया जाता है। संगठन पर पांच साल के लिए बैन लगाया गया है। अभी एक हफ्ते पहले ही जम्मू कश्मीर से जमात-ए-इस्लामी के करीब 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसमें जम्मू एंड कश्मीर के प्रमुख अब्दुल हमीद फैयाज भी शामिल हैं।

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