राजनीति के निम्नतम स्तर को लांघ दिया नवजोत सिंह सिद्धू ने.. किया ऐसा काम जिससे उठे सवाल कि क्या देश के जवानों से नफरत है सिद्धू को ?

पाकिस्तान परस्त नवजोत सिंह सिद्धू अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है तथा एक के एक ऐसे कारनामों को अंजाम दे रहा है, जिससे ये स्पष्ट हो रहा है कि न तो सिद्धू के मन में अमर बलिदानियों के लिए सम्मान है, न ही राष्ट्र के प्रति प्रेम. पुलवामा आतंकी हमले में जवानों के बलिदान के बाद इमरान खान का प्रवक्ता बनकर पाकिस्तान का बचाव करने वाले नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर से ऐसी हिमाकत की है, जिससे राष्ट्र का आक्रोश पुनः उभर सकता है.

खबर के मुताबिक़, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आदेश के बावजूद नवजोत सिंह सिद्धू पुलवामा में बलिदान हुए अमर हुतात्मा जयमल सिंह के अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे. बता दें कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार देर रात एक प्रेस रिलीज जारी करके जानकारी दी थी कि उन्होंने पंजाब के बलिदान हुए 4 जवानों के अंतिम संस्कार के कार्यक्रम के दौरान पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों की ड्यूटी लगाई है जोकि अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद रहेंगे. मोगा में बलिदानी जयमल सिंह के अंतिम संस्कार के लिए पंजाब के कैबिनेट मिनिस्टर नवजोत सिंह सिद्धू की ड्यूटी लगाई गई थी. इस बारे में स्थानीय विधायक और स्थानीय डीसी को उनके आने की जानकारी भी दी गई थी.

लेकिन ये तो सिद्धू है.. वो सिद्धू जिसके लिए पाकिस्तान जरूरी है, इमरान खान जरूरी है लेकिन देश तथा देश का जवान जरूरी नहीं है. पाकिस्तान का बचाव कर पहले ही जवान की आत्माओं को रुलाने वाला सिद्धू मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद बलिदानी जयमल सिंह के अंतिम संस्कार में पहुंचा? मोगा ना आकर सिद्धू लुधियाना में नगर निगम के कार्यक्रम में पहुंचे जहां पर उन्होंने नगर निगम के कामों को लेकर कई ग्रांट जारी की. यहाँ सवाल खड़ा होता है कि सिद्धू आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान का बचाव कर सकता है लेकिन वह अमर बलिदानी को अंतिम विदाई देने नहीं जा सकता, आखिर क्यों?

सिद्धू की इस हरकत से देश तथा देश के बलिदानी जवान का तो अपमान हुआ ही है, साथ ही पंजाब के मुखिया अमरिंदर सिंह को भी सिद्धू ने आंखें दिखाई हैं कि वह न तो अमरिंदर सिंह को मानता है, न देश के जवानों को मानता है, न उसको राष्ट्र तथा राष्ट्र के बलिदानियों से कोई मतलब है. अगर सिद्धू के लिए कोई मायने रखता है तो वह है पाकिस्तान तथा पाकिस्तान का प्रधानमंत्री इमरान खान.

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