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पत्थरबाजों से मुकदमा वापस लेने का फैसला सेना के लिए साबित होते जा रहा घातक…सरकार करे पुनर्विचार


देश में नोटबंदी हुई, gst लागु हुआ, अन्तराष्ट्रीय स्तर पर भारत की लोकप्रियता बढ़ी, दुश्मनों को मारने के लिए विदेशो से आधुनिक हथियारों का जखीरा भारत

आया. डोकलाम विवाद पर चीन भी भारत से हार गया. अमेरिका, रूस, इजराइल तथा फ्रांस जैसे महाशक्तिशाली देशों के साथ भारत की मित्रता ने नये आयाम छुए.

मोदी जी ने उन देशों की भी यात्रा की जहाँ आज तक देश का कोई प्रधानमंत्री नही गया. पूरे देश की जनता को चौंकाते हुए वे पाकिस्तान का दौरा भी कर आये

जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी. लेकिन जिसका हर वीर सपूत की माँ को बरसों से इन्तजार है वो आज तक कोई नहीं कर पाया. कांग्रेस ने देश में सालों तक

राज किया कश्मीर मुद्दा फिर भी नहीं सुलझा?

फिर आई देश में मोदी गवर्नमेंट जिस पर लोगों को खुद से जादा भरोसा था, लेकिन कश्मीर मुद्दे पर वो भी कांग्रेस से

कम नहीं निकली. क्या कश्मीर में जवानों को हर गवर्नमेंट ऐसे ही मरने देगी? ऐसे तमाम सवाल हर हिदुस्तानी के दिल उठते है जब उनके जवान देश के लिए

अपन प्राणों का बलिदान दे देते है. बावजूद कोई कड़ी कार्यवाही नहीं होती. क्या देश में आधुनिक हथियार सिर्फ गणतंत्र दिवस पर लोगों को दिखाने के लिए रखे है..?

ऐसे ही तमाम सवाल है जिनका हल देश के नागरिको को आजदी के बाद से आज तक नहीं मिला? जवान मारे जाते है लेकिन यहाँ सिर्फ यही कहा जाता है,

“पाकिस्तान हमारी सहनशीलता को हमारी कमजोरी न समझे” आखिर क्यूँ 20 करोड़ आबादी वाला मुल्क पाकिस्तान हिंदुस्तान की 125 करोड़ जनता पर भारी पढ़

रहा है?

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी कश्मीर में जवान रोज शहीद हो रहे है, पत्थरबाज सेना के जवानों पर खुलेआम पथराव कर रहे है, लेकिन मुकदमे की तैयारी

सेना के जवानों के लिए की जा रही है?

सत्ता में काबिज होने से पहले भाजपा ने कश्मीर के हालात सुधारने का वादा किया था और कहा था कश्मीर में जवानों को मरने नहीं दिया जायेगा. लेकिन सरकार

को बने चार साल हो गए हैं और आज भी आर्मी से जुड़ा हर परिवार यही पूछता है कब तक उनके बेटों शहीद होते रहेंगे? शनिवार सुबह जम्मू में हुए हमले में अब

तक एक जवान शहीद हो गया है, 3 जवानों के घायल होने की खबर है. इस हमले में एक जवान की बेटी भी घयल हुई है, आतंकियों के खात्मे के लिए सेना का

सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है.

आतंकियों ने ये आत्मघाती हमला सुबह करीब 5 बजे किया, जानकारी के मुताबिक 3-4 आतंकियों ने कैंप के पीछे के इलाके से

घुसेते ही गोलीबारी शुरू की. आतंकियों के इस हमले का जवानों ने भी माकूल जवाब दिया है. हमले को देखते हुए पूरे जम्मू को हाई अलर्ट पर रखा गया है. वहीँ

सुरक्षा बल हेलिकॉप्टर के जरिए आतंकियों पर निगरानी बनाये हुए है. सूत्रों के मुताबिक जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने जम्मू शहर के बाहरी क्षेत्रों में बने सेना

के शिविर पर हमला किया है. अधिकारियों के अनुसार रात में शहर के बाहरी इलाके में चेन्नी के पास बने सेना के सुंजवान शिविर के पिछले भाग से आतंकवादी

वहां घुसे. आपको बता दें कि खुफिया एजेंसियों ने अफजल गुरू की बरसी पर जैश-ए-मोहम्मद द्वारा हमले को लेकर पहले ही चेतावनी जारी की थी. आतंकी अफजल

गुरू को नौ फरवरी 2013 को फांसी दी गई थी.


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