सड़ा फल लौटाने गये जितेन्द्र पाण्डेय को नसीम और उसके साथियों ने दौड़ा दौड़ा कर मारा.. मॉब लिंचिंग से सहमा शाहजहांपुर

एक तरफ मुस्लिम समाज के कई लोग सडको पर आ कर प्रदर्शन कर रहे थे और तथाकथित नए शब्द मॉब लिंचिंग के खिलाफ कड़े कानून बनाने की मांग कर रहे थे.. वो आगरा , मेरठ गुजरात जैसी जगहों पर सीधे पुलिस से भिड गये थे और सरकार को लगातार ललकार रहे थे लेकिन ठीक उसी समय उत्तर प्रदेश के जनपद शाहजहांपुर में हो रहा था कुछ ऐसा जो उन तमाम प्रदर्शनकरियो के लिए निरुत्तर कर देने वाला विषय था क्योकि उसमे वो सब उल्टा चल रहा था जो मांग रहे थे उन्मादी .

विदित हो कि उत्तर प्रदेश के जनपद शाहजहांपुर में केरूगंज चौराहे का ये मामला है . यहाँ पर थाना रामचन्द्र मिशन क्षेत्र में रहने वाले जितेन्द्र पाण्डेय प्राइवेट वाहन चला कर अपना पेट पालते हैं. गत 30 जुलाई को रात करीब 8 बजे वो शाहजहांपुर के ही चारखंभा निवासी नसीम की फलों की दूकान से कुछ अनार खरीद कर ले गये . उन्होंने पूरे पैसे चुकाए लेकिन जब वो घर आ कर अनार खाने चले तो सारे अनार सड़े हुए निकले.. जितेन्द्र को लगा कि नसीम ने उन्हें पूरे पैसे ले कर भी ठगा है .

इसी के चलते वो उसी रात 10 बजे नसीम की दूकान पर वो अनार वापस करने और अपने पैसे लेने गये तो नसीम उन्हें उलटी सीधे गालियाँ देने लगा . नसीम को रोकने और गाली न देने की बात कहने वाले जितेन्द्र को अचानक ही नसीम के कई साथियों ने घेर लिया और बुरी तरह से मारने लगे .. जितेन्द्र पाण्डेय शाहजहांपुर की सडको पर भागते रहे और नसीम अपने साथियों के साथ उनको दौड़ा दौड़ा कर मारता रहा. इस दृश्य को जिसने भी देखा उसके ही रोंगटे खड़े हो गये ..

इस मामले में स्थानीय पुलिस का भी रोल ठीक नहीं रहा .. जब इस मामले की शिकायत जितेन्द्र पाण्डेय ने पुलिस से की तो शाहजहांपुर में चौकी इंचार्ज पाकड़ अमित चौहान ने इतनी दुस्साहसिक घटना पर मात्र 107 / 16 की कार्यवाही की जबकि नसीम ने जितेन्द्र को मार डालने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी . इस मुद्दे पर हिन्दू संगठनों ने व्यापक विरोध किया है और पुलिस को सीधे चेतावनी दी नसीम के खिलाफ कड़ी धाराओं में कार्यवाही करने की . ऐसे न करने पर जल्द ही व्यापक विरोध प्रदर्शन की बात कही है .

सुदर्शन न्यूज को आर्थिक सहयोग करने के लिए नीचे DONATE NOW पर क्लिक करे
DONATE NOW