3 तलाक मिला तो ओढ़ लिया भगवा और मुकेश का हाथ थाम कर बोली गुलाब बानो- “देखो, मुझे 7 जन्म का साथी मिल गया”

उसके शौहर ने कहा कि वो नहीं मानता भारत का नियम और भारत का क़ानून . उसने सीधे सीधे जब राष्ट्रीय अस्मिता को चुनौती दी तो गुलाब बानो ने भी अपना वो रूप दिखाया जो उसने सोचा भी नहीं था . उसने अपने जीवन को दिया है एक नया मोड़ और हाथ थामा है एक हिन्दू युवाक का जिसने उसके साथ 7 जन्मो तक जीने मरने की कसम खाई है . अब गुलाम बानो हिन्दू बन चुकी है और वो बहुत खुश है अपने नए जीवन से और अपने नए जीवन साथी से .

इस पूरे मामले में पवित्र भगवत कथा की भी भूमिका है जिसने ३ तलाक मिलने के बाद अँधेरी दुनिया में जी रही गुलाब बानो को जीवन का एक नया प्रकाश दिखाया है . बदायूं के जिलाधिकारी को दिए गये एक शपथ पत्र में गुलाब बानों ने बताया कि मंदिरों में जाने के साथ ही वह भागवत कथा में जाती है। यहां से हिदू धर्म में उसकी आस्था जागी और वो पूरे होश हवास में बिना किसी दबाव आदि के हिंदुत्व धर्म को धारण रही है जिसमे वो बहुत संतुष्ट और खुश है .

बताया है कि शादी के बाद से उसके शौहर ने किस तरह से उसपर जुल्म किया और उसको बीच मझधार में तलाक, तलाक, तलाक .. कर छोड़ दिया। शौहर ने उसको महज दहेज की मांग पर ही ठुकराया तो वह दुनिया में बिल्कुल अकेली पड़ गई थी। सहारा मांगने के लिए अपने रिश्तेदारों के पास गई, लेकिन किसी ने उसपर तरस नहीं खाया। उसको उस नजर से देखा जाता जैसे कि उसने कोई बड़ा गुनाह किया हो। तलाक पीड़िता का दर्द उसने करीब से महसूस किया।

उसको अपने धर्म में सम्मान और सहारा नहीं मिला तो कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। दिल्ली में उसकी मुलाकात मुकेश से हुई तो उसने आपबीती सुनाने में कोई गुरेज नहीं किया। तीन तलाक और तीन महीने की मुलाकात के दौरान उसको मुकेश से जो सहारा मिला तो वह उसकी हमसफर बन गई। उसने इस बात को कबूल किया है कि हिदू धर्म में उसकी आस्था लगातार बढ़ती गई।

ककराला के मुहल्ला पानी की टंकी निवासी इस्लाम की पुत्री गुलाब बानो को शादी के कुछ समय बाद ही पति ने 30 सितंबर 2018 को तलाक दे दिया। तलाक के बाद उसको किसी ने सहारा नहीं दिया। बहिष्कृत कर दिया। इसी दौरान दिल्ली में उसकी मुलाकात मुकेश पुत्र बनारसी लाल, निवासी 171 संजना, सम्भल से हुई। मुकेश और उसके परिवार का सहारा मिलने के बाद वह मंदिर में पूजा-पाठ करने जाने लगी थी …

इस मामले में अखिल भारत हिन्दू महासभा ने भी अहम भूमिका निभाई है जिसने सोमवार को शहर के ही नई सराय स्थित राधा माधव मंदिर में दोनों का विवाह करा दिया और वर कन्या को खुश रहने के आशीर्वाद के साथ साथ पूर्व सुरक्षा आदि का आश्वासन भी दिया .

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