धर्म निरपेक्ष महिला घर से धर्म त्याग कर और मज़ीदुर रहमान को ले कर निकली थी. वो रास्ता प्यार नही बल्कि कहीं और गया और उसके सबूत मिले उस नदी में


उसको लगा था कि उसको पा कर वो सब कुछ हासिल कर चुकी है . उसको एहसास था कि उसने जिसको चुना है वो धर्म और जाति आदि की भावनाओं से कहीं ऊपर है .. इसी के चलते उसने कभी पीछे मुड कर नहीं देखा और नए सपने देख डाले अपने जीवन के.. लेकिन उसको पता ही नहीं था कि उसके साथ क्या होने वाला है और किस प्रकार की सोच उसके जीवन और उसकी इज्जत पर काली छाया के रूप में पड़ी हुई है . वो सब कुछ जान पाई थी लेकिन तब तक हो चुकी थी बहुत देर .

एक लाश जो नदी में मिली थी उसने पुलिस का सरदर्द बढा दिया था .. पुलिस ने देखा और पाया कि उसको बहुत ही बेरहमी से मारा गया था . आम लोगों ने तो इसको किसी जल्लाद से भी ज्यादा बेरहमी दिखाया गया माना.. गर्दन भी बुरी तरह से रेती गई थी , ठीक वैसे ही जैसे सीरिया और ईराक से आने वाली वीडियो में दिखाई पडती हैं . जब पुलिस ने इस मामले की पड़ताल करनी शुरू की तब मामला जा कर निकला उस लव जिहाद का जिसको अक्सर वामपंथी समाज ख़ारिज करता है ..

निवार (सितंबर ७, २०१९) को जहाँगीरपुर के पुनर्भाबा नदी में लडकी की लाश मिली थी। उसके अधिकतर कपडे गायब थे। गला रेत कर उसकी हत्या की गई थी और चेहरे पर कई निशानों से पता चला की हत्या से पहले उसके साथ काफी दरिंदगी की गई थी।बुधवार को मजिदुर रहमान को भारत-बांग्लादेश सीमा से गिरफ्तार किया गया। मजिदुर एक मेडिकल लेबोरेटरी में काम करता था और उक्त युवती वहीं पर इलाज कराने के लिए आया करती थी। इसी दौरान दोनों में जान-पहचान हुई यह पहचान प्यार में बदल गई .

लडकी सेक्युलर विचारधारा की थी इसलिए उसको इंसान और इंसानियत वाले सिद्धांतो में विश्वास था . वह मजिदुर से शादी करने की जिद करने लगी लेकिन वह टालता रहा !उसने युवती को शादी के बारे में बात करने के बहाने से बुलाया और नदी किनारे एक सुनसान जगह पर ले गया। वहाँ उसके दो अन्य साथी पहले से ही इंतजार कर रहे थे।   उन तीनों ने मिल कर युवती के साथ बलात्कार किया और फिर मार कर उसे नदी में फेंक दिया !भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने पीडिता के परिवारवालों से मिल कर उन्हें ढाँढस बँधाया।


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