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जलवा कायम है गुजरात पुलिस का.. आजमगढ़ जा कर दबोचा इस्लामिक मूवमेंट के आतंकी शाहिद बद्र को.. था आतंकी, पर नाम के आगे लगाता था कुछ और


उसने सोचा था कि गुजरात से हजारो किलोमीटर दूर मुस्लिम बहुल कहे जाने वाले आज़मगढ़ में वो खुद को सुरक्षित कर लेगा . उसने ये भी सोचा था कि केस बहुत पुराने हो गये हैं और अब तक उसको पुलिस भूल चुकी होगी . पुलिस भूल चुकी होगी सोच ही उसकी असल में भूल साबित हुई और गुजरात की पुलिस ने अपना जलवा कायम रखते हुए आजमगढ़ तक में दस्तक दी और दबोच लिया उस दुर्दांत आतंकी को जिसकी तलाश उसको लगभग दशको से थी और वो कानून से बचता फिर रहा था..

ध्यान देने योग्य है कि आतंकवाद और अपराध से सेना एक साथ कंधे से कंधा मिला कर आगे बढ़ रही पुलिस ने एक बार फिर से देशवासियों को खुश होने का अवसर दिया है जब इस्लामिक मूवमेंट ऑफ़ इंडिया अर्थात आतंकी दल सिमी के एक वरिष्ठ आतंकी को गुजरात की पुलिस ने आजमगढ़ में जा कर दबोच लिया . इस आतंकी के खिलाफ वर्ष 2012 में ही वारंट था अदालत का लेकिन ये कानून के आगे सरेंडर करने के बजाय कानून से भागता फिर रहा था ..

हद तो ये रही कि आतंकी शाहिद बद्र अपने नाम के आगे डाक्टर लगाता था जबकि पुलिस रिकार्ड में ये एक वांछित था.. डाक्टर लगाने का मतलब ये साबित होता है कि ये अनपढ़ नहीं बल्कि पढ़ा लिखा था और इसी के साथ उन नेताओं के दावों पर भी सवाल उठता है जो आतंकवाद की वजह अशिक्षा को कहते हैं . गुजरात पुलिस के भुज डिवीजन के इंस्पेक्टर वाईपी साडेजा के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने शाहिद को शहर कोतवाली के मनचोभा स्थित घर से गिरफ्तार किया।

शाहिद के खिलाफ 2012 में वारंट जारी किया गया था। आजमगढ़ में हुई शाहिद की गिरफ्तारी पर उसके वकील ने आपत्ति जताई है । कोतवाली पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को आजमगढ़ कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड बनवाकर उसे गुजरात पुलिस अपने साथ ले जाएगी।शाहिद के खिलाफ 2001 में प्रतिबंधित संगठन का सदस्य बनाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा भुज (कच्छ) में दर्ज कराया गया था।शाहिद काफी वर्षों से कर्बला मैदान के पास डाक्टर के तौर पर प्रैक्टिस करता था।


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