सेक्यूलर ममता बनर्जी शासित प. बंगाल से गिरफ्तार हुए 4 बांग्लादेशी आतंकी.. सामने आ रहे शरण देने के दुष्प्रभाव


स्वयं को देश की कथित सेक्यूलर राजनीति की सबसे बड़ी पुरोधा बताने वालीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जहाँ बीजेपी से लड़ने के लिए महागठबंधन के कोशिशों में लगी हैं तो वहीं दूसरी तरफ राज्य से  STF ने 4 बांग्लादेशी आतंकियों को गिरफ्तार किया है. जिस तरह से ममता बनर्जी बांग्लादेशी तथा रोहिंग्या घुसपैठियों को शरण देने की पैरवी करती रही हैं, राज्य से उसके दुष्परिणाम भी सामने आ रहे हैं. पिछले कुछ महीनों को देखें तो राज्य से कई आतंकियों की गिरफ्तारी की गई है.

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खबर के मुताबिक़, कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गुप्त सूचना के आधार पर बांग्लादेश में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के चार सक्रिय सदस्यों को सियालदह और हावड़ा स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किये गये इन आतंकवादियों के नाम मोहम्मद जिया-उर-रहमान उर्फ मोहसिन उर्फ जहीर अब्बास (44), मामोनुर रशीद (33), मोहम्मद शाहीन आलम उर्फ अलामीन (23) और रबी-उल-इस्लाम (35) हैं. सभी बांग्लादेश के विभिन्न शहरों के रहनेवाले हैं.

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कोलकाता पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (एसटीएफ) शुभंकर सिन्हा सरकार ने बताया कि गुप्त जानकारी के आधार पर सोमवार रात को सियालदह स्टेशन के निकट से मोहम्मद जिया-उर-रहमान और मामोनुर रशीद को गिरफ्तार किया गया. दोनों से पूछताछ के बाद पता चला कि उनके दो अन्य साथी हावड़ा स्टेशन पर उनका इंतजार कर रहे हैं. चारों एक साथ मिलकर अपनी अगली रणनीति तय करनेवाले हैं. इस जानकारी के बाद हावड़ा स्टेशन के पास से मोहम्मद शाहीन आलम उर्फ अलामीन और रबी-उल-इस्लाम को भी गिरफ्तार कर लिया गया.

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शुरुआती पूछताछ में इन संदिग्ध आतंकियों ने बताया कि बांग्लादेश से भागकर ये कोलकाता आकर छिपे थे. जेएमबी के अलावा आइएस (इस्लामिक स्टेट) आतंकी संगठन से जुड़ने के बाद से यहां टेरर फंडिंग और संगठन को मजबूत करने के लिए युवाओं को जोड़ने में ये लोग जुटे थे. एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि ये लोग बंगाल में रहकर और क्या-क्या साजिश रच रहे थे, इनसे पूछताछ कर इस बारे में पता लगाने की कोशिश वे कर रहे हैं.

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