मासूम बच्चों को बेचकर पेट भरते थे शेख और सनाउल.. ये दोनों उस प्रदेश के रहने वाले हैं जहाँ जिंदाबाद है कथित सेक्यूलरिज्म


शेख सनाउल पिता शेख महकूल तथा शेख सनाउल पिता शेख केबुल.. ये दोनों मानव तस्कर उस राज्य के रहने वाले हैं, जिस राज्य में कथित सेक्यूलरिज्म पूरी तरह से जिंदाबाद है. वो सेक्यूलरिज्म जो अपने राजनैतिक विरोधियों के साथ हिंसा से भी बाज नहीं आता जबकि वो गांधी की अहिंसा के सिद्धांतों का गुणगान करते हुए भी नहीं थकता. ये राज्य है पश्चिम बंगाल. वो पश्चिम बंगाल जहाँ तृणमूल कांग्रेस की सरकार है तथा ममता बनर्जी जहाँ की मुख्यमंत्री हैं.

मामला बिहार के सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन का है जहाँ डाउन मुजफ्फरपुर इन्टरसिटी ट्रेन से रविवार को सुबह करीब साढ़े छह बजे ग्रामीणों की सूचना पर आरपीएफ ने पांच बच्चे सहित दो मानव तस्कर को गिरफ्तार कर लिया. सभी बंगाल के मालदा के इंग्लिश बाजार के मिल्की गांव का रहने वाले बताये जा रहे हैं. दोनों मानव तस्करों को हिरासत में लेकर जीआरपी को सुपुर्द कर दिया गया. जानकारी के अनुसार सुबह इन्टरसिटी से उतरकर स्टेशन परिसर में एक जगह पर पांच बच्चे डरे सहमे बैठे थे.

कुछ यात्री शक के आधार पर बच्चा चोर कहकर हल्ला करने लगे जिसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना आरपीएफ को दी. आरपीएफ इंस्पेक्टर आरके तिवारी को सूचना मिलते ही सदलबल रेल पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया. तभी संदिग्ध लोग भागने का प्रयास करने लगे लेकिन उन्हें दबोच लिया गया. जिसके बाद दोनों संदिग्ध सहित पांचों बच्चों को हिरासत में लेकर रेल थाना लाया गया जहाँ आरपीएफ ने पूछताछ की. पहले तो दोनों ने अपने परिवार के बच्चे होने की बात कहकर घर जाने की बात कही.

जब दबाव बनाकर पूछताछ की गयी तो दोनों ने मानव तस्करी का जुर्म कबूल लिया. दोनों ने अपना नाम पश्चिम बंगाल के मालदा के इंगलिश बाजार के मिल्की गांव निवासी शेख सनाउल, पिता शेख महकूल व दूसरे ने शेख सनाउल पिता शेख केबुल बताया. वहीं पांचों बच्चे भी उसी गांव के रहने वाले बताये गए. आरपीएफ ने पूछताछ के बाद दोनों को जीआरपी के हवाले कर दिया. जीआरपी थाने में आरपीएफ इंस्पेक्टर के बयान पर मामला दर्ज कराया गया.


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