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महाराणा प्रताप की भूमि में फिर दरिन्दे अकबर की आहट.. गिरफ्तार हुआ उमर जो बेच रहा था हथियार.. आखिर कौन थे उसके निशाने पर

राजस्थान.. भारतवर्ष की वो पुण्यभूमि जहाँ वीर महाराणा प्रताप, बाप्पा रावल, दुर्गादास राठौड़, माँ पद्मिनी जैसी महान विभूतियों ने जन्म लिया.. वो राजस्थान जिसके नाम का स्मरण आते ही रौंगटे खड़े हो जाते है, शरीर में रक्त का प्रवाह तेज हो जाता है, वीरता, शौर्य, स्वाभिमान तथा पराक्रम की ज्वलन्त गाथाएँ हमारी आँखों के सामने तैरने लगती हैं.. वो राजस्थान अब अपराध का गढ़ जा रहा है, जहाँ उमर जैसे उन्मादी अवैध हथियारों की फैक्ट्री चला रहे हैं, जिनके दम पर समाज में दहशत पैदा की जा सके.

मामला राजस्थान के भरतपुर का है जहाँ गुरुग्राम की क्राइम ब्रांच ने छापा मार कर अवैध हथियारों की एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने मौके से एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है. पकड़ में आए आरोपी का नाम उमर है. पुलिस के मुताबिक उमर ने पिछले कुछ सालों में 7 सौ अवैध हथियार बनाकर गुरुग्राम, मेवात और आस पास के इलाकों में सप्लाई किया है. पुलिस ने फैक्ट्री में कई बने कई हथियार भी बरामद किए हैं. कुछ हथियार बनकर तैयार हैं, कुछ बनने की प्रक्रिया में हैं.

गुरुग्राम पुलिस के मुताबिक पिछले कुछ समय से उन्हें जानकारी मिल रही थी कि राजस्थान के भरतपुर से एक शख्स गुरुग्राम हथियार भेज रहा है. कुछ मामलों में पकड़े जाने पर बदमाशों ने भी पुलिस को बताया कि उन्हें हथियार भरतपुर के एक सप्लायर ने दिया था. पुलिस ने इस मामले की जांच आगे बढ़ाई तो उन्हें पता लगा की भरतपुर में सचमुच में एक फैक्ट्री है जहां पर अवैध हथियार बनाये जा रहे हैं और बदमाशों को 5 से 15 हजार में बेचे जा रहे हैं.

इसके बाद पुलिस ने राजस्थान के भरतपुर से जानकारी जुटाई और जब पुलिस को हथियार की पुख्ता जानकारी हो गई तो पुलिस ने यहां पर छापा मारा. छापेमारी के दौरान फैक्ट्री के अंदर सिर्फ उमर मौजूद था. उमर ने पुलिस से कहा कि वो अकेले ही हथियार बनाता था और आगे बेचा करता था. हालांकि पुलिस उमर के इस बयान की जांच कर रही है कि वो अकेले ही सालों से इस फैक्ट्री और पूरे नेटवर्क को चला रहा था या उसके साथ कुछ और लोग शामिल हैं.

 पुलिस को अब तक की जांच में पता चला है कि उमर ने करीब 7 सौ अवैध हथियार की सप्लाई अबतक की है. अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उमर ने किन लोगों को हथियार मुहैया कराया है. उमर तमंचे को 5 हजार में जबकि रिवाल्वर को 15 हजार में बेचा करता था. पुलिस ने मौके से 8 बने हुए हथियार बरामद किए हैं. इस घटना के बाद राजस्थान पुलिस भी सतर्क हो गई है और आस-पास के इलाकों से सूचना इकट्ठा कर रही है कि हथियार की ये फैक्ट्री कहीं और तो नहीं चल रही है.  पुलिस को अंदेशा है कि इस नेटवर्क में कुछ और लोग शामिल हो सकते हैं. उमर के माध्यम से अब पुलिस की नजर इस गिरोह के अस्तित्व को मिटाने पर है.

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