19 की उम्र में इस गैंगस्टर ने किया पहला मर्डर, दोनों हाथों से चलाता था गन… जानिए कैसे बना खूंखार गैंगस्टर

कैथल : मोस्टवांटेड सुरेंद्र ग्योंग को करनाल-कैथल पुलिस ने शनिवार दोपहर एनकाउंटर में मार गिराया। करनाल पुलिस के जिस पुलिस अधिकारी ने कुख्यात बदमाश सुरेंद्र ग्योंग का एनकाउंटर किया है, उनका नाम बिजेंद्र सिंह बताया जा है। आपको बता दें कि सुरेंद्र ग्योंग पर कई राज्यों से हत्या, लूट और फिरौती के दर्जनों मामले दर्ज थे।

सुरेंद्र ग्योंग ने अपने आपराधिक कैरियर की शुरुआत वर्ष 1999 में हत्या, डकैती अपहरण से की थी। करीब सात साल कैथल में इसका पूरा आतंक रहा। पहले यह कृष्ण पहलवान के साथ मिलकर धंधा किया करता था। लेकिन पैसे के लेनदेन को लेकर दोनों गुटों में अनबन हो गई। इसके बाद इनका गैंग दो गुटों में बंट गया। रंजिश के चलते ही सुरेंद्र ग्योंग गुट ने पुराने बस अड्डा के सामने कृष्ण पहलवान की हत्या कर दी।

इस हत्या के बाद शहर में सुरेंद्र ग्योंग की ज्यादा दहशत हो गई क्योंकि उसने अपराध की दुनिया के एक बड़े गैंगस्टर को मौत के घाट उतार दिया था। उसके बाद सुरेंद्र ग्योंग की फिरौती का धंधा भी खूब चला। वह आढ़तियों, डॉक्टरों और व्यापारियों से फिरौती मांगने लगा। कैथल के ही करीब 60 लोगों से फिरौती वसूली। इसके बाद प्लाइवुड व्यापारी नरेंद्र अरोड़ा की हत्या कर दी। इसके बाद हत्या, डकैती, अपहरण व फिरौती का धंधा चलाता रहा।

गैंगस्टर बनने के बाद परिवार की करीब 9 एकड़ जमीन बिक गई। 3 एकड़ जमीन सरकार ने कुर्क की हुई है। सुरेंद्र के बड़े भाई जोगेन्द्र पर भी हत्या, धोखाधड़ी जैसे मामले दर्ज है। वह धोखाधड़ी के एक मामले में लुधियाना जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि सुरेंद्र ग्योंग अपनी होंडा सिटी कार में जींद के असंध से करनाल की ओर जा रहा था। इसी भनक कैथल पुलिस को पहले ही लग गई थी।

पुलिस की टीम ने ग्‍योंग की कार का पीछा करना शुरू कर दिया। करनाल पुलिस को भी इसकी सूचना दे दी गई तो करनाल के राड़ा गांव के पास आगे से करनाल पुलिस और पीछे से कैथल पुलिस की टीम ने ग्‍योंग को घेर लिया। खुद को घिरा पाकर ग्‍योंग और कार में मौजूद उसके तीन साथियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पु‍लिस ने भी जवाबी कार्रवाई की और इसमें ग्‍योंग मारा गया।  

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