जीत से पहले खौफ फैला समाजवादी समर्थकों का.. किसी और को वोट की बात करने वाले का किया ये हाल


जैसे-जैसे चरण दर चरण लोकसभा चुनाव संपन्न होते जा रहे हैं, वैसे वैसे न सिर्फ सियासी तपिश बढ़ती जा रही है बल्कि हार के डर बौखलाए कुछ सियासी दलों के कार्यकर्ता हिंसा पर उतारू होते जा रहे हैं. एकतरफ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव चुनाव प्रचार में समाजवाद के सिद्धांतों की दुहाई देते हुए हुए नजर आ रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ सपा के कार्यकर्ता हार के खौफ से हिंसा करने पर पर आमादा हैं.

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मामला उत्तर प्रदेश की आज़मगढ़ लोकसभा सीट का है जहाँ से सपा प्रमुख अखिलेश यादव खुद चुनाव लड़ रहे हैं. बीजेपी किसी भी हालात में आज़मगढ़ लोकसभा सीट जीतना चाहती है. इसलिए अखिलेश यादव के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार दिनेश लाला यादव “निरहुआ” को चुनाव मैदान में उतारा है..जिससे इस सीट पर अखिलेश यादव के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं. संभवतः आज़मगढ़ के सपा समर्थकों को इस बात का अंदेशा है कि निरहुआ अखिलेश यादव पर भारी पड़ सकते हैं तथा इसी खौफ के कारण सपा कार्यकर्ता हिंसा कर रहे हैं.

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खबर के मुताबिक़, आजमगढ़ में एक मई को सपा समर्थकों ने जहानागंज थाने के मंदे बाजार के आसपास के क्षेत्र में घूमकर वोटरों को धमकी दी कि अगर सपा को वोट नहीं दिया हो इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा. इसके अलावा सपा समर्थकों ने भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को गाली भी दी. जब अनेई गांव निवासी पवन सिंह ने सपा समर्थकों की धमकियों का विरोध किया तो उस पर हमला बोल दिया तथा मारपीट की.

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घटना के संबंध में पवन ने सपा विधानसभा अध्यक्ष सहित 25 लोगों के खिलाफ थाने में केस दर्ज कराया. पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है तथा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाई की जायेगी. बता दें बुधवार को क्षेत्र में भाजपा का चुनावी कार्यक्रम भी आयोजित था. जिसमें उम्मीद से ज्यादा लोगों की भीड़ थी. लोगों की मानें तो भीड़ से बौखलाए सपाईयों ने यह काम किया है.

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