भारत के अन्दर ही CRPF के 2 जवानों पर हमला. जिला उत्तर प्रदेश का मऊ और जगह का नाम “फातिमा चौराहा”

उन उन्मादियो को क्या माना जाय जो ऐसे मौके पर भी अपनी नीचता से बाज नहीं आ रहे हैं . ये जगह को पाकिस्तान का बार्डर नहीं था बल्कि भारत के अन्दर उस राज्य की घटना है ये जो एक योगी द्वारा शासित है . ये घटना है उत्तर प्रदेश के जिला मऊ की जहाँ पर दुर्दांत अपराधी मुख़्तार अंसारी के चलते कुछ अपराधिक तत्वों के हौसले बुलंद हुआ करते थे .. अब एक और दुस्साहसिक घटना ने पूरे मऊ ही नहीं बल्कि देश का खून खौला दिया है .

ज्ञात हो कि इस बार कुछ आपराधिक तत्वों ने नीचता और निकृष्टता की सभी हदों को पार करते हुए CRPF के एक जवान पर हमला कर दिया है . इस हमले से जवान घायल हो गया . एक जवान को कई लोगों ने घेर कर मारा है जिनकी तलाश जारी है . इस घटना के लिए मऊ पुलिस पर भी उँगलियाँ उठ रही हैं जो अपराधियों के आगे शुरू में पस्त नजर आई लेकिन जब जनता सडको पर उतर गयी तब उच्चाधिकारियों को मौके पर आना पडा…

सुनील कुमार उपाध्याय व उनके भाई संजय कुमार उपाध्याय सीआरपीएफ के जवान हैं। सुनील मणिपुर में तैनात हैं जबकि उनके भाई संजय कश्मीर में। दोनों भाइयों को गुरुवार को ही अपनी ड्यूटी पर रवाना होने का आदेश आ भी आ गया है। ड्यूटी पर रवाना होने से पहले संजय अपनी पत्नी व भाई के साथ दवा लेने आए शहर में एक चिकित्सक के पास आए थे। अचानक ही वहां बाइक की टक्कर का बहाना बना कुछ लोग जमा हुए और उन्होंने दोनों CRPF जवानों पर बुरी तरह से हमला कर दिया . जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक उन जवानों को चोट आ चुकी थी और सुनियोजित ढंग से हमलावर वहां से भाग निकले .

ज्योंही वहां लोगों को पता चला कि हमले हुए युवक सीआरपीएफ के जवान हैं, फिर तो लोग सड़क पर उतर आए और सड़क जाम लगा दिया। गुस्साए लोग हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद, भारत माता की जय, इंडियन आर्मी जिदाबाद, सीआरपीएफ जिदाबाद के नारे लगा रहे थे। लगभग दो घंटे बाद सिटी मजिस्ट्रेट वहां पहुंचे और मारपीट करने वाले बदमाशों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम और जनता के आक्रोश को समाप्त कराया। ये हमला करने वाले कौन थे और उनका असल उद्देश्य क्या है ये अभी तक सार्वजानिक नहीं किया गया और उन्होंने अचानक ही इतने सारे लोग कैसे जमा कर लिए इसका भी सामने आना बाकी है .

 

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