हाथों में बंधी राखी भी अब चुभने लगी आँखों में…… दंगाइयों ने हिन्दू युवक को बेरहमी से पीटा

रक्षाबंधन के दिन एक बहन अपने भाई की कलाई में राखी बांध कर अपनी रक्षा का वादा लेती हैं. लेकिन मेरठ में रक्षाबंधन के अलग ही दिन घटना देखने को मिली। रक्षाबंधन के दिन एक जीजा ने अपने साले की रक्षा करने के लिए अपनी जान की परवाह तक नहीं की और खतरनाक गुंडे से भीड़ गए ताकि उनकी बीवी अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सके.

ब्रह्मनंद रक्षा बंधन की सुबह पत्नी रूपमणि को उसके मायके लेकर आया था ताकि रूपमणि अपने भाई दीपक को राखी बांध सके. लेकिन आज़ाद खान ने उनकी खुशीओं में विघ्न डालने की कोशिश की. ब्रह्मनंद के साथ मारापीट की क्यूंकि उसके साले दीपक ने आज़ाद खान की गुंडागर्दी का विरोध किया था. मामला मेरठ के ब्रह्मपुरी थाने से सटे पूर्वा इलाही बख्श मोहल्ले का हैं, जहां ब्रह्मनंद सैनी सोमवार सुबह पत्नी रूपमणि को लेकर पूर्वा इलाही बख्श स्थित ससुराल में आया था.
वहां ब्रह्मानंद के साले दीपक सैनी का पड़ोसी आजाद खान से गली में निर्माण को लेकर विवाद हो गया. आजाद ने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले दीपक को पीटा और फिर ब्रह्मानंद पर जानलेवा हमला कर दिया। बचाव में उसके ससुर राम सिंह आए तो हमलावर दोनों को खींचते हुए ब्रह्मपुरी थाने ले गए और फिर पुलिस के सामने भी मारपीट की.
पुलिस ने गुंडे आज़ाद खान को गिरफ्त में न लेकर बेगुनाह ब्रह्मनंद को गिरफ्तार किया जिसे भाजपा के नेता कमलदत्त शर्मा ने रिहा कराया. वहीं, युवा सेवा समिति के अध्यक्ष बदर अली ने आज़ाद खान का पक्ष लेते हुए आज़ाद खान को पीड़ित साबित करने की कोशिश की. पुलिस की एकतरफा कारवाही को देख लोगो में पुलिस और आज़ाद खान के लिए गुस्सा भर गया और सेकड़ो लोगो ने`इसके खिलाफ प्रदर्शन किया. जिसके बाद से क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव हैं.
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